RAS प्रश्न
सीजीडब्ल्यूबी के 2023 आकलन के अनुसार, राजस्थान की समग्र भूजल स्थिति को किस रूप में वर्णित किया जाना चाहिए?
सही उत्तर: (D) अत्यधिक दोहन के कारण चिंताजनक।
सीजीडब्ल्यूबी के 2023 आकलन के अनुसार राजस्थान की समग्र भूजल स्थिति अत्यधिक दोहन के कारण चिंताजनक है।
व्याख्या
केंद्रीय भूजल बोर्ड के 2023 आकलन में राजस्थान के लिए भूजल दोहन का स्तर 148.77% बताया गया है। इसी आकलन में 302 आकलन इकाइयों में से 216 इकाइयाँ अति-दोहित श्रेणी में रखी गईं। स्रोत में श्रेणीकरण का आधार भी साफ है: 100% से अधिक दोहन वाली इकाई अति-दोहित मानी जाती है। इसलिए 148.77% का राज्य-स्तरीय स्तर सामान्य या संतुलित स्थिति नहीं दिखाता, बल्कि यह बताता है कि वार्षिक निकासी उपलब्ध निकाले जा सकने वाले भूजल संसाधन से काफी अधिक है। इसी कारण विकल्प D सही है: राजस्थान की स्थिति अत्यधिक दोहन से चिंताजनक मानी जाएगी, खासकर जब इतने बड़े हिस्से की इकाइयाँ अति-दोहित हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 148.77% भूजल दोहन और 216 अति-दोहित इकाइयाँ ‘पर्याप्त’ स्थिति नहीं, बल्कि दबाव वाली स्थिति दिखाती हैं।
- (B) ‘सुधार’ समग्र वर्णन नहीं हो सकता, क्योंकि 2023 में भी राज्य का दोहन स्तर 100% से बहुत ऊपर 148.77% है।
- (C) ‘कोई समस्या नहीं’ कहना स्रोत के विपरीत है, क्योंकि 302 में से 216 आकलन इकाइयाँ अति-दोहित दर्ज हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के भूजल संसाधन, दोहन स्तर और अति-दोहित श्रेणीकरण की समझ जाँचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि जल-संकट, कृषि और संसाधन-प्रबंधन राजस्थान भूगोल के मुख्य मुद्दे हैं।
