प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 मई 2026 को बिहार के काराकाट में 48520 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वी भारत के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना है। प्रमुख घोषणा औरंगाबाद जिले में लगभग 29930 करोड़ रुपये की लागत से तीन गुणा 800 मेगावाट क्षमता वाली नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना द्वितीय चरण की आधारशिला रही, जिससे बिहार और पूर्वी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, औद्योगिक विकास को बल मिलेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा और सस्ती बिजली उपलब्ध होगी। सड़क क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग 119A के पटना आरा सासाराम खंड को चार लेन में विस्तारित करने, वाराणसी रांची कोलकाता राजमार्ग NH 319B को छह लेन में चौड़ा करने, NH 119D के रामनगर कच्ची दरगाह खंड तथा बक्सर और भरौली के बीच नए गंगा सेतु के निर्माण की आधारशिला रखी। इससे नदी पार यातायात सुगम होगा और शाहाबाद तथा मगध क्षेत्रों की संपर्क सुविधा बेहतर होगी। प्रधानमंत्री ने 1330 करोड़ रुपये की लागत से बनी सोन नगर और मोहम्मद गंज के बीच तीसरी रेल लाइन भी राष्ट्र को समर्पित की, जिससे व्यस्त ग्रांड कॉर्ड मार्ग पर भीड़ कम होगी, कोयला और स्टील की मालगाड़ी आवाजाही सुचारू बनेगी तथा हावड़ा दिल्ली कॉरिडोर पर यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी। यह दौरा सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय यात्रा का हिस्सा था, जिसमें परियोजनाओं की कुल लागत 70000 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह यात्रा ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर केन्द्र सरकार के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित करती है।