मुख्य तथ्य

  • सेवा क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा मूल्य-संवर्धन क्षेत्र है, पर नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में उसके हिस्से की तुलना में रोजगार हिस्सा कम है।
  • ऊर्जा सुधार में वितरण वित्त, वैधानिक नियमन, अक्षय खरीद दायित्व और विकेंद्रित उत्पादन साथ चलते हैं।
  • परिवहन ढाँचे में राजमार्ग, बंदरगाह, माल रेल और लॉजिस्टिक्स नीति की अलग-अलग परतें हैं।
  • राजस्थान सौर पार्कों, पीएम-कुसुम, पश्चिमी माल गलियारे और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक पट्टी से जुड़ता है।
  • 2021 के बाद के प्रमुख आधार सीओपी-26 पंचामृत, पीएम सूर्य घर, हरित हाइड्रोजन मिशन और पीएम ई-ड्राइव हैं।

मुख्य बिंदु

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    सेवा क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा मूल्य-संवर्धन क्षेत्र है, पर नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में उसके हिस्से की तुलना में रोजगार हिस्सा कम है।

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    ऊर्जा सुधार में वितरण वित्त, वैधानिक नियमन, अक्षय खरीद दायित्व और विकेंद्रित उत्पादन साथ चलते हैं।

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    परिवहन ढाँचे में राजमार्ग, बंदरगाह, माल रेल और लॉजिस्टिक्स नीति की अलग-अलग परतें हैं।

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    राजस्थान सौर पार्कों, पीएम-कुसुम, पश्चिमी माल गलियारे और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक पट्टी से जुड़ता है।

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    2021 के बाद के प्रमुख आधार सीओपी-26 पंचामृत, पीएम सूर्य घर, हरित हाइड्रोजन मिशन और पीएम ई-ड्राइव हैं।

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भारत और राजस्थान में सेवा क्षेत्र को उच्च-मूल्य परत की तरह क्यों पढ़ना चाहिए?

भारत और राजस्थान में सेवा क्षेत्र को उच्च-मूल्य परत की तरह इसलिए पढ़ना चाहिए क्योंकि यह नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में बड़ा हिस्सा देता है, पर रोजगार में उसका हिस्सा अपेक्षाकृत कम है, इसलिए इसका असर वित्त, पर्यटन, परिवहन, संचार, लोक प्रशासन और डिजिटल निर्यात जैसे नेटवर्कों से समझना पड़ता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत सेवाओं का दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा निर्यातक है। नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का हिस्सा (वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही) इस विषय का व्यापक आरंभिक आधार है।

राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र चित्र

  • आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का हिस्सा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में बढ़कर 53.6% हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही और महामारी-पूर्व अवधि से अधिक था।
  • रोजगार में इसका हिस्सा लगभग 30% है।
  • इसी अंतर से स्पष्ट होता है कि सेवा क्षेत्र को कृषि या विनिर्माण की तरह नहीं पढ़ा जा सकता।
  • उच्च मूल्य-संवर्धन वित्त, पेशेवर सेवाओं, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, लोक प्रशासन और सॉफ्टवेयर निर्यात से आता है।

राजस्थान का सेवा आधार

राजस्थान में भी यही ढाँचा दिखता है:

स्थानसेवा केंद्र
जयपुरवित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स सेवाओं का केंद्र
उदयपुर, जैसलमेर और जोधपुरपर्यटन जोड़ते हैं
कोटाशिक्षा-आधारित शहरी सेवा देता है

ऊर्जा और निर्यात संबंध

  • पर्यटन और परिवहन ऊर्जा से भी जुड़े हैं, क्योंकि होटल, रेल, राजमार्ग और जलापूर्ति को भरोसेमंद बिजली चाहिए।
  • भारतीय रिजर्व बैंक के 2023-24 सर्वे में सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 190.7 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • इसलिए आईटी-बीपीएम उद्योग — सेवा निर्यात (वित्त वर्ष 2023-24) को पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के साथ ही पढ़ना चाहिए।

सेवा क्षेत्र की नेटवर्क-आधारित समझ

सेवा क्षेत्र नेटवर्कों से मूल्य बनाता है:

  • बिजली डिजिटल और शहरी सेवाएँ चलाती है।
  • परिवहन माल-व्यक्ति को जोड़ता है।
  • भुगतान प्रणाली लेनदेन लागत घटाती है।

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1MCQएक क्षेत्र वित्त वर्ष 2025 में भारत के मूल्य संवर्धन का लगभग 55% देता है पर रोजगार में लगभग 30% हिस्सा रखता है। कौन-सा निष्कर्ष सही है?1 अंक · 50 शब्द
  1. Aकृषि में प्रति श्रमिक सबसे अधिक मूल्य संवर्धन है
  2. Bसेवा क्षेत्र का मूल्य-संवर्धन हिस्सा रोजगार से अधिक हैसही
  3. Cविनिर्माण मूल्य संवर्धन में सेवा क्षेत्र से आगे निकल गया है
  4. Dकेवल परिवहन राष्ट्रीय मूल्य संवर्धन का आधा बनाता है

व्याख्या

सेवा क्षेत्र का मूल्य-संवर्धन हिस्सा उसके रोजगार हिस्से से काफी अधिक है, इसलिए कई सेवा उपक्षेत्रों में प्रति श्रमिक मूल्य अधिक है। कृषि और विनिर्माण इन प्रतिशतों से नहीं बताए गए हैं, और परिवहन सेवा क्षेत्र का केवल एक घटक है।

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