संचार मंत्रालय के अधीन दूरसंचार विभाग (डॉट) ने भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण दूरसंचार नेटवर्क में भारी व्यवधान के बाद अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में अंतर-अंचल रोमिंग (आईसीआर) सेवा सक्रिय की है। प्रभावित जिले केयी पैन्योर, लोअर सुबनसिरी, अपर सुबनसिरी और पश्चिम सियांग हैं। आईसीआर सेवा तीन दिनों की प्रारंभिक अवधि के लिए शुरू की गई, जो 28 जून 2026 तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य आपदा के समय निर्बाध दूरसंचार संपर्क सुनिश्चित करना है।
आपदाओं के दौरान दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को मानते हुए दूरसंचार विभाग ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया और सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आईसीआर सक्षम करने के निर्देश दिए। आपदाओं से दूरसंचार अवसंरचना को व्यापक नुकसान हुआ। क्षेत्र से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ याज़ाली में एनईईपीसीओ एक्सचेंज में प्रवेश कर गई, जिससे एक्सचेंज का काम रुक गया। पोतिन और याज़ाली के बीच कई भूस्खलनों ने लगभग 12 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) को नुकसान पहुँचाया, जिससे संचार सेवाएँ प्रभावित हुईं। लगातार बारिश, भूस्खलन और वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति में व्यवधान से बहाली के प्रयास और बाधित हुए। होज़ में ओएफसी अवसंरचना को हुए नुकसान से सागली, लेम्मी, कंपु और सेप्पा क्षेत्रों में संपर्क प्रभावित हुआ, जबकि बहाली टीमें सोपो-होज़ मार्ग पर तैनात की गई हैं।
आईसीआर के चालू होने से किसी भी सहभागी सेवा प्रदाता के मोबाइल ग्राहक अपने होम नेटवर्क के अस्थायी रूप से अनुपलब्ध होने पर स्वचालित रूप से किसी अन्य उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा देश के अन्य हिस्सों से इन जिलों का दौरा करने वाले ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध है। इस उपाय से प्रभावित निवासियों, आपदा प्रतिक्रिया टीमों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों में लगी सरकारी एजेंसियों के लिए संचार की उपलब्धता में काफी सुधार की उम्मीद है।
