भारत की पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BEML अगस्त 2026 तक पहली कार बॉडी शेल तैयार करने की उम्मीद कर रही है। यह स्वदेशी रूप से विकसित हाई-स्पीड ट्रेन बेंगलुरु स्थित BEML के आदित्य संयंत्र में बनाई जा रही है, जिसका उद्घाटन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 25 अप्रैल 2026 को किया था। BEML के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय ने कहा कि कंपनी अगस्त तक पहली कार बॉडी शेल और अगले कैलेंडर वर्ष की शुरुआत में पहला ट्रेनसेट तैयार करने का लक्ष्य रखती है। तैयार होने के बाद ट्रेनसेट को परीक्षण एवं ट्रायल रन के लिए सूरत डिपो भेजा जाएगा, जिसे नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) विकसित कर रही है। रॉय के अनुसार ट्रेन पहले BEML के कारखाने में, फिर सूरत डिपो में और उसके बाद मुख्य लाइन पर व्यापक परीक्षण से गुजरेगी, जिसमें चार से छह महीने लग सकते हैं और सभी परीक्षण पहले ही चिह्नित कर लिए गए हैं। रेल मंत्रालय ने देश की पहली बुलेट ट्रेन 'B28' को मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। रक्षा क्षेत्र की इस कंपनी को अक्टूबर 2024 में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण एवं कमीशनिंग का अनुबंध दिया था। रेलवे शुरुआत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के हिस्से 97 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी खंड पर B28 चलाने की योजना बना रहा है। B28 (भारत निर्मित बुलेट, 280 किमी प्रति घंटा) से सूरत-वापी खंड पर अगस्त 2027 में परिचालन शुरू करने के प्रयास जारी हैं।