20 जून 2026 को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) की कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना की आधारशिला आभासी माध्यम से रखी। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू कोयला संसाधनों के सतत उपयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस अवसर पर ओडिशा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बीसीजीसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें सीआईएल की 51% और बीएचईएल की 49% हिस्सेदारी है। कोल इंडिया की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) लखनपुर में लगभग 350 एकड़ कोयला युक्त भूमि का योगदान दे रही है तथा अपनी इब वैली वाशरी से 0.79 मीट्रिक टन प्रति वर्ष धुला कोयला और 1.19 मीट्रिक टन प्रति वर्ष अस्वीकृत कोयला आपूर्ति करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य कोयला गैसीकरण के माध्यम से स्वदेशी प्रेशराइज्ड फ्लूइडाइज्ड बेड गैसीफिकेशन (पीएफबीजी) तकनीक से लगभग 6.6 लाख टन प्रति वर्ष तकनीकी श्रेणी का अमोनियम नाइट्रेट उत्पादित करना है। लगभग 25,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाली इस परियोजना को ओडिशा सरकार के उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण से सिंगल विंडो क्लीयरेंस तथा कोयला मंत्रालय से 1,350 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन मिला है। राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के अनुरूप इस परियोजना को सितंबर 2029 तक चालू करने का लक्ष्य है।