आर्थिक एवं राजनीतिक घटनाक्रम
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय बजट 2025-26 ने राजकोषीय समेकन और सार्वजनिक निवेश को आर्थिक घटनाक्रम के केंद्र में रखा।
- आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने 2025-02-07 को रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 6.25% कर दी।
- जनगणना 2027 तब बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम बनी जब सरकार ने जाति गणना सहित दो चरणों में होने वाली गणना और अधिकांश क्षेत्रों के लिए 2027-03-01 संदर्भ तिथि क...
- 18वीं लोकसभा की शुरुआत राजस्थान से जुड़े संवैधानिक तथ्य के साथ हुई: कोटा से सांसद ओम बिरला 2024-06-26 को फिर अध्यक्ष चुने गए।
- 2024-07-01 को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हुए और नए आपराधिक न्याय प्रशासन के लिए आईपीसी, सीआरपीसी...
मुख्य बिंदु
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केंद्रीय बजट 2025-26 ने राजकोषीय समेकन और सार्वजनिक निवेश को आर्थिक घटनाक्रम के केंद्र में रखा।
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आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने 2025-02-07 को रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 6.25% कर दी।
- 3
जनगणना 2027 तब बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम बनी जब सरकार ने जाति गणना सहित दो चरणों में होने वाली गणना और अधिकांश क्षेत्रों के लिए 2027-03-01 संदर्भ तिथि की घोषणा की।
- 4
18वीं लोकसभा की शुरुआत राजस्थान से जुड़े संवैधानिक तथ्य के साथ हुई: कोटा से सांसद ओम बिरला 2024-06-26 को फिर अध्यक्ष चुने गए।
- 5
2024-07-01 को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हुए और नए आपराधिक न्याय प्रशासन के लिए आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम ढांचा बदला।
- 6
2024-06-22 की 53वीं जीएसटी परिषद बैठक कर-प्रशासन से जुड़ी अहम घटना है, क्योंकि उसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, अनुपालन को आसान बनाने और कुछ सेवाओं पर छूट को लेकर सिफारिशें हुईं।
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पीएम जनमन को 2023 में 24,104 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी मिली और यह विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए 11 मुख्य कार्यों पर केंद्रित है।
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भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की घोषणा 2023-09-09 को जी20 के नई दिल्ली ज्ञापन के ज़रिए हुई।
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बजट और आर्थिक सर्वेक्षण को साथ क्यों पढ़ना चाहिए?
बजट और आर्थिक सर्वेक्षण को साथ इसलिए पढ़ना चाहिए क्योंकि बजट सरकार के खर्च, घाटे और आवंटन का हिसाब देता है, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण उसी हिसाब की वृद्धि-पृष्ठभूमि और नीति-तर्क समझाता है। केंद्रीय बजट 2025-26 ने राजकोषीय समेकन और सार्वजनिक निवेश को वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के केंद्र में रखा। वित्त मंत्रालय के पीआईबी हाइलाइट्स के अनुसार केंद्रीय बजट 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4% रहने का अनुमान लगाया गया।
| दस्तावेज़ | मुख्य तथ्य | वृद्धि/राजकोषीय संदर्भ | सहायक विषय |
|---|---|---|---|
| केंद्रीय बजट 2025-26 | राजकोषीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद के 4.4% पर रखा गया। | वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया। | बजट राजकोषीय गणित बताता है। |
| आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 | यह नवीनतम वृद्धि-पृष्ठभूमि देता है। | वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 6.8% से 7.2% के दायरे में अनुमानित की गई है। | सेवाएँ, निवेश और बाह्य क्षेत्र की स्थिरता इसके सहायक विषय हैं। |
साथ पढ़ने का कारण
- बजट और सर्वेक्षण को साथ पढ़ना चाहिए।
- बजट राजकोषीय गणित बताता है।
- सर्वेक्षण समझाता है कि अवसंरचना, विनियमन में ढील, रोजगार और निजी निवेश को वृद्धि के इंजन क्यों माना गया।
राजस्थान का समसामयिक कोण
- राजस्थान का समसामयिक कोण सीधा है।
- केंद्रीय पूंजीगत व्यय, राज्यों को ब्याज-मुक्त ऋण और छत-सौर प्रोत्साहन इनको प्रभावित करते हैं:
- सड़क।
- बिजली वितरण कंपनियाँ।
- नगरीय निकाय।
- जयपुर, कोटा, जोधपुर और छोटे नगरों में इनके प्रभाव को स्थानीय अवसंरचना, ऊर्जा-वितरण और शहरी सेवाओं के रूप में पढ़ा जा सकता है।
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1MCQकेंद्रीय बजट 2025-26 के लिए कौन-सा युग्म सही है?
व्याख्या
बजट अनुमान में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% था। विकल्प ख 2023-24 की वास्तविक जीडीपी वृद्धि है। विकल्प ग पीएम जनमन का परिव्यय है। विकल्प घ फरवरी 2025 की रेपो दर नहीं है।
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