रेल मंत्रालय जुलाई में एक नई वैगन डिज़ाइन नीति लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना और माल ढुलाई के रोलिंग स्टॉक का आधुनिकीकरण करना है। 25 जून को जारी एक विज्ञप्ति में मंत्रालय ने बताया कि इस नई नीति को 15 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया है। सप्ताह की शुरुआत में हुई एक समीक्षा बैठक में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारतीय रेलवे को विभिन्न वस्तुओं की माल ढुलाई के लिए पसंदीदा साधन बनाएँ। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन अनुमोदन और प्रोटोटाइप विकास के सख्त मानक देश में सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले वैगनों का उत्पादन सुनिश्चित करेंगे। रेलवे ने बताया कि वह उद्योगों, व्यापार संगठनों और प्रमुख माल ग्राहकों के साथ उनकी परिवहन ज़रूरतों को समझने के लिए परामर्श कर रहा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि विभिन्न वस्तुओं की लदान, उतराई, रख-रखाव और परिवहन की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप बने वैगन माल ढुलाई में रेल के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करेंगे। प्रस्तावित नीति के तहत उद्योग अपनी विशिष्ट परिचालन और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर रेल वैगनों का डिज़ाइन तैयार करेंगे और डिज़ाइन में बदलाव का सुझाव दे सकेंगे। उदाहरण के लिए, स्टील कॉइल के परिवहन के लिए विशेष बाँधने की व्यवस्था तथा समर्पित लदान-उतराई प्रणाली की ज़रूरत होती है। वैगन सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आरडीएसओ और रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) पर रहेगी। इन सुधारों से कई नए उद्योगों के रेलवे माल ढुलाई तंत्र में प्रवेश की उम्मीद है। इस कदम का उद्देश्य अधिक माल यातायात आकर्षित करना, ग्राहक सुविधा बढ़ाना और देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रेल की हिस्सेदारी बढ़ाना है।