MCQ
मुगल साम्राज्य एवं भक्ति-सूफी आंदोलन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए मुगल साम्राज्य एवं भक्ति-सूफी आंदोलन के 30 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1भक्ति संतों को उनके सबसे निकट संबद्ध प्रवाह से मिलाइए: सूची 1 1. कबीर 2. गुरु नानक 3. तुलसीदास 4. मीराबाई सूची 2 क. निर्गुण भक्ति ख. सगुण भक्ति सही कूट चुनिए।
निर्गुण भक्ति निराकार ईश्वर की उपासना पर बल देती है; कबीर और गुरु नानक इसी धारा से जुड़े माने जाते हैं। तुलसीदास और मीराबाई सगुण भक्ति की परंपरा में रखे जाते हैं, जहाँ भक्ति का केंद्र साकार और व्यक्तिगत ईश्वर है।
प्र.2जहाँगीर के शासन के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए: 1. नूरजहाँ का दरबार पर स्पष्ट प्रभाव था। 2. इस शासनकाल से कैप्टन हॉकिंस और सर टॉमस रो के दूतावास जुड़े थे। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
जहाँगीर के समय नूरजहाँ का राजनीतिक-दरबारी प्रभाव स्पष्ट दिखता है और अंग्रेज दूत कैप्टन हॉकिंस तथा सर टॉमस रो भी इसी काल से जुड़े हैं। इनमें से किसी एक को अलग शासनकाल में रखना मुगल कूटनीतिक कालक्रम की भूल होगी।
प्र.3इन घटनाओं को सही कालक्रम में रखिए: हुमायूँ द्वारा साम्राज्य की पुनर्प्राप्ति; अकबर की पानीपत की दूसरी लड़ाई; कन्नौज में शेरशाह सूरी की विजय; औरंगज़ेब की मृत्यु।
सही क्रम 1540 में कन्नौज में शेरशाह सूरी की विजय से शुरू होता है, उसके बाद 1555 में हुमायूँ की वापसी और 1556 में हेमू पर अकबर की पानीपत की दूसरी विजय आती है। औरंगज़ेब का अंत बहुत बाद में 1707 में हुआ।
प्र.4अकबर की प्रशासनिक संस्थाओं, विशेषकर दहसाला जैसे भू-राजस्व प्रबंधों, के स्रोत-आलोचनात्मक अध्ययन के लिए कौन-सा मुगल ग्रंथ सबसे सीधे उपयोगी है?
अबुल फ़ज़ल का आइन-ए-अकबरी अकबरकालीन संस्थाओं का प्रमुख प्रशासनिक स्रोत है, इसलिए दहसाला और मनसबदारी जैसे विषयों पर स्रोत-आलोचनात्मक अध्ययन में इसका विशेष महत्त्व है। तुज़ुक-ए-बाबुरी, हुमायूँनामा और तुज़ुक-ए-जहाँगीरी अपने-अपने शासक और कालखंड के लिए उपयोगी हैं, पर अकबर के प्रशासन का सीधा संकलन नहीं हैं।
प्र.5भक्ति आंदोलन की निर्गुण धारा की सही पहचान किस युग्म में दी गई है?
निर्गुण भक्ति में ईश्वर को निराकार माना गया और कबीर तथा गुरु नानक जैसे संत इस धारा से जुड़े थे. तुलसीदास, सूरदास और मीराबाई सगुण धारा में आते हैं; चिश्ती सूफ़ीवाद का सिलसिला था और दीन-ए-इलाही 1582 में अकबर की दरबारी पहल थी.
आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6अकबर के शासन के अध्ययन में अबुल फ़ज़्ल के उपयोग पर विचार कीजिए: 1. वे अकबर के दरबारी मंडल से जुड़े थे और शाही सत्ता के भीतर से लिख रहे थे. 2. इसलिए अकबरनामा और आईन-ए-अकबरी दरबारी ग्रंथ हैं, सत्ता से अलग निष्पक्ष प्रत्यक्षदर्शी विवरण नहीं. कौन-सा कथन सही है?
7शाहजहां के शासन के बारे में अभिकथन और कारण पर विचार कीजिए। अभिकथन: शाहजहां का शासन प्रायः मुगल स्थापत्य के युग से जोड़ा जाता है। कारण: ताजमहल, दिल्ली का लाल किला और जामा मस्जिद तथा मयूर सिंहासन उसके शासन से जुड़े हैं, जबकि बर्नियर और टैवर्नियर उसके दरबार में आए। कौन-सा विकल्प सही है?
8मुगल मनसबदारी-जागीरदारी ढांचे में जागीर का मुख्य अर्थ क्या था?
9मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन और सूफ़ीवाद के साझा ऐतिहासिक महत्त्व का सबसे सटीक वर्णन कौन-सा है?
10जहाँगीर के दरबार के स्रोत-समीक्षात्मक अध्ययन के लिए कौन-सा युग्म सबसे उपयुक्त है?
11मुगल मनसबदारों को वेतन देने की सामान्य पद्धति का सबसे सही वर्णन कौन-सा है?
12निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म जहाँगीर के शासन से गलत रूप से जोड़ा गया है?
13अकबर की मनसबदारी व्यवस्था के संदर्भ में पद-घटक और उसके अर्थ की सही जोड़ी कौन-सी है?
14हुमायूं के शासन के प्राथमिक स्रोत-विवेचन में हुमायूंनामा से सही रूप से कौन-सा युग्म जुड़ा है?
15अकबर की धार्मिक नीति के अध्ययन में अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी का उपयोग करते समय कौन-सी स्रोत-समीक्षात्मक सावधानी सबसे उचित है?
