MCQ
इतिहास-लेखन, ऐतिहासिक पद्धति एवं स्रोत MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए इतिहास-लेखन, ऐतिहासिक पद्धति एवं स्रोत के 30 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1आरंभिक भारतीय अभिलेखों के व्यवस्थित ऐतिहासिक उपयोग का मार्ग खोलने वाली उपलब्धि के लिए कौन-सा युग्म सही है?
जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में अशोककालीन ब्राह्मी का पाठोद्धार किया; इससे आरंभिक भारतीय इतिहास में अभिलेखों का उपयोग निर्णायक रूप से बढ़ा। कनिंघम 1861 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जुड़े हैं और व्हीलर की पहचान स्तरीय उत्खनन पद्धति से है।
प्र.2भारतीय पुरातत्व और स्रोत-आलोचना से जुड़े विकासों का कौन-सा कालक्रम सही है?
सबसे पहले 1837 में प्रिन्सेप ने अशोककालीन ब्राह्मी पढ़ी; 1861 में अलेक्जेंडर कनिंघम के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण बना। मॉर्टिमर व्हीलर की स्तरक्रमिक उत्खनन-पद्धति बाद का विकास है, इसलिए उसे आरंभ में रखना या संस्था को प्रिन्सेप से पहले रखना गलत है।
प्र.3ऐतिहासिक स्रोतों के सामान्य वर्गीकरण में कौन-सा समूह केवल पुरातात्त्विक स्रोतों से बना है?
अभिलेख, मुद्राएँ, स्मारक और पुरावस्तुएँ भौतिक अवशेष हैं, इसलिए वे पुरातात्त्विक स्रोत हैं। धार्मिक-लौकिक साहित्य, विदेशी यात्रियों के वृत्तांत और बाद की व्याख्याएँ अलग स्रोत-वर्गों में आती हैं।
प्र.4लियोपोल्ड फॉन रांके के प्रत्यक्षवादी इतिहास-लेखन के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. इसमें अतीत के वस्तुनिष्ठ, दस्तावेज़-आधारित पुनर्निर्माण की मांग की गई। 2. इससे यह सूत्र जुड़ा है कि इतिहास अतीत को वैसा दिखाए जैसा वह वास्तव में था। 3. इसने स्रोत-समीक्षा को छोड़कर नैतिक और राष्ट्रवादी आख्यान को प्राथमिकता दी।
लियोपोल्ड फॉन रांके ने आधुनिक वैज्ञानिक प्रत्यक्षवादी इतिहास-लेखन को दस्तावेज़ों और वस्तुनिष्ठ पुनर्निर्माण पर टिकाया। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि रांके की पद्धति स्रोत-समीक्षा को कम नहीं करती, बल्कि उसे इतिहासकार के काम का आधार बनाती है।
प्र.5विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों को ऐतिहासिक स्रोत मानते हुए कौन-सा यात्री-कृति युग्म सही सुमेलित है?
अलबरूनी की किताब-उल-हिंद भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण में उपयोगी विदेशी स्रोत है। अन्य विकल्पों में प्रसिद्ध युग्म उलट दिए गए हैं: मेगस्थनीज़ के साथ इंडिका और इब्न बतूता के साथ रिहला जुड़ती है।
आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
इतिहास-लेखन, ऐतिहासिक पद्धति एवं स्रोत पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6ऐतिहासिक पद्धति में बाह्य समालोचना और आंतरिक समालोचना का सही अंतर कौन-सा कथन बताता है?
7आधुनिक इतिहास-लेखन की धाराओं और उनके प्रतिनिधि इतिहासकारों का कौन-सा युग्म-समूह सही है?
8भारतीय ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन से जुड़े निम्न विकासों को कालानुक्रम में रखिए: 1. अलेक्ज़ेंडर कनिंघम के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना 2. जेम्स प्रिन्सेप द्वारा अशोककालीन ब्राह्मी का पाठोद्धार 3. मॉर्टिमर व्हीलर द्वारा भारत में कठोर स्तरानुक्रमिक उत्खनन पद्धति का परिचय 4. काल-निर्धारण में रेडियोकार्बन विधि का उपयोग
9ऐतिहासिक पद्धति के इन चरणों को सामान्य क्रम में व्यवस्थित कीजिए: बाह्य और आंतरिक समीक्षा, प्रस्तुति, स्रोत-संग्रह, संश्लेषण।
10कौन-सा समूह साहित्यिक स्रोतों के बजाय केवल पुरातात्त्विक स्रोतों से बना है?
11इतिहास-लेखन की धारा या विद्वान को उसके मूल विचार से मिलाने वाले निम्न युग्मों में कौन-सा गलत है?
12भारतीय इतिहास की जेम्स मिल की औपनिवेशिक व्याख्या से विशेष रूप से कौन-सा काल-विभाजन जुड़ा है?
13सहायक विधाओं और पुरातात्त्विक काल-निर्धारण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कौन-से कथन सही हैं? 1. अभिलेख-विज्ञान इतिहास के स्रोत के रूप में अभिलेखों का अध्ययन करता है। 2. मुद्रा-विज्ञान ऐतिहासिक प्रमाण के रूप में मुद्राओं का अध्ययन करता है। 3. रेडियोकार्बन तिथिकरण को रणजीत गुहा ने किसान विद्रोहों की व्याख्या के लिए शुरू किया। 4. मोर्टिमर व्हीलर कठोर स्तरीय उत्खनन से जुड़े हैं।
14ऐतिहासिक पद्धति के मानक चरणों का सही क्रम किस विकल्प में दिया गया है?
15इतिहास-लेखन को एक विषय के रूप में सबसे ठीक किस विकल्प में समझाया गया है?
