MCQ
मौर्यों से हर्ष तक का प्राचीन भारत और संगम युग MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए मौर्यों से हर्ष तक का प्राचीन भारत और संगम युग के 30 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कौन-सा कथन गुप्त राजवंश के संस्थापक को सही पहचानता है और उसे गुप्त संवत शुरू करने वाले शासक से अलग करता है?
गुप्त राजवंश के संस्थापक श्रीगुप्त माने जाते हैं। चंद्रगुप्त प्रथम 319-320 ईस्वी के गुप्त संवत और लिच्छवि वैवाहिक संबंध से जुड़ते हैं, जबकि समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय बाद के शासक थे।
प्र.2कथन: कनिष्क 78 ईस्वी से आरंभ होने वाले शक संवत से संबंधित माना जाता है। कारण: कनिष्क गांधार और मथुरा कला-शैलियों तथा कश्मीर में चौथी बौद्ध संगीति से भी जुड़ा है।
कुषाण शासक कनिष्क को 78 ईस्वी से शुरू होने वाले शक संवत से परंपरागत रूप से जोड़ा जाता है। गांधार और मथुरा कला-शैलियों तथा कश्मीर की चौथी बौद्ध संगीति से उसका संबंध सही है, पर ये तथ्य शक संवत के आरंभ का कारण नहीं बताते।
प्र.3कथन: मानक विवरणों में चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच समझौते ने उत्तर-पश्चिम में मौर्य शक्ति को मज़बूत किया। कारण: सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त को क्षेत्र दिए और यह समझौता राजवंशीय वैवाहिक संबंध से भी जुड़ा माना जाता है।
मानक इतिहासों में सेल्यूकस निकेटर द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य को क्षेत्र देने और वैवाहिक संबंध स्थापित होने का उल्लेख मिलता है। इसलिए उत्तर-पश्चिम में लाभ मौर्यों को हुआ, सेल्यूकस को नहीं।
प्र.4प्रारंभिक दक्षिण भारतीय इतिहास के स्रोत-समीक्षात्मक अध्ययन में संगम साहित्य के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
संगम साहित्य मदुरै की तमिल काव्य-सभाओं और टोल्काप्पियम, एट्टुतोगै, पट्टुप्पाट्टु जैसी रचनाओं से जुड़ी साहित्यिक सामग्री है। ब्राह्मी, खरोष्ठी और यूनानी-अरामाई लिपियों वाले राजकीय अभिलेख अशोक से संबंधित हैं, इसलिए उन्हें संगम स्रोतों के साथ मिलाना स्रोत-समीक्षा की गलती होगी।
प्र.5चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य से जुड़ी नवरत्न परंपरा का सबसे संतुलित ऐतिहासिक आकलन कौन-सा है?
नवरत्न परंपरा को सामान्यतः चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के दरबार से जोड़ा जाता है और कालिदास का नाम उसमें प्रमुख रूप से आता है। पर समकालीन प्रमाण की दृष्टि से सावधानी जरूरी है, क्योंकि अशोक के अभिलेख, हरिषेण की प्रयाग प्रशस्ति और कनिष्क की बौद्ध संगीति ऐसी नौ-नाम सूची नहीं देते।
आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6कनिष्क के बौद्ध धर्म संरक्षण का सबसे सीधा संबंध किस घटना और स्थान से है?
7अभिकथन: आर्यभट की आर्यभटीय उन प्रमुख कारणों में है जिनसे गुप्त युग को विज्ञान और गणित के लिए याद किया जाता है। कारण: गुप्त काल को दशमलव स्थानीय मान पद्धति और शून्य की अवधारणा जैसी उपलब्धियों से जोड़ा जाता है।
8मौर्य प्रशासन के प्रमाण के रूप में अर्थशास्त्र के उपयोग पर विचार करें। 1. यह उपयोगी है क्योंकि इसमें अधिकारियों, राजस्व, गुप्तचर व्यवस्था और राजा के कर्तव्यों की चर्चा है। 2. इसे आलोचनात्मक ढंग से पढ़ना चाहिए क्योंकि निर्देशात्मक राजनीतिक ग्रंथ, उत्खनन से मिले अभिलेख जैसा प्रमाण नहीं होता। कौन-सा कथन सही है?
9प्रारंभिक मौर्य राज्य के संदर्भ में अर्थशास्त्र की सबसे सही पहचान कौन-सी है?
10कनिष्क से जुड़े निम्न संबंधों में कितने सही हैं? 1. 78 ईस्वी में आरंभ शक संवत से पारंपरिक संबंध 2. गांधार और मथुरा कला-शैलियों का संरक्षण-संदर्भ 3. कश्मीर में चौथी बौद्ध संगीति से संबंध 4. पश्चिमी शकों की पराजय
11गुप्त बौद्धिक परिप्रेक्ष्य में व्यक्ति या समूह को उसके उपयुक्त ऐतिहासिक संबंध से मिलाइए।
12शासक को उससे सर्वाधिक विश्वसनीय रूप से जुड़े ऐतिहासिक संबंध से मिलाइए।
13कनिष्क और मौर्योत्तर सांस्कृतिक इतिहास के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से कौन-से सही हैं? 1. उनका संबंध गांधार कला-शैली से है। 2. उनका संबंध मथुरा कला-शैली से है। 3. प्रयाग प्रशस्ति में उन्हें दक्कन विजेता बताया गया है।
14समुद्रगुप्त के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
15नालंदा महाविहार की स्थापना किस गुप्त शासक से संबंधित मानी जाती है?
