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वैदिक काल, महाजनपद, जैन धर्म और बौद्ध धर्म MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए वैदिक काल, महाजनपद, जैन धर्म और बौद्ध धर्म के 30 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1मानक विवरणों के अनुसार बौद्ध संगीति और उसके स्थान या संरक्षक का सही मेल किस विकल्प में है?

A प्रथम संगीति - वैशाली
B द्वितीय संगीति - अशोक के अधीन पाटलिपुत्र
C तृतीय संगीति - कनिष्क के अधीन कश्मीर
D चतुर्थ संगीति - कनिष्क के अधीन कश्मीर
व्याख्या

चार बौद्ध संगीतियों का क्रम राजगृह, वैशाली, अशोक के अधीन पाटलिपुत्र और कनिष्क के अधीन कश्मीर माना जाता है। गलत विकल्पों में पहली, दूसरी और तीसरी संगीति को किसी दूसरी संगीति के स्थान या संरक्षक से जोड़ दिया गया है।

प्र.2मौर्यों से पहले मगध के उत्कर्ष का सही राजवंशीय क्रम कौन-सा है?

A शिशुनाग राजवंश, हर्यंक राजवंश, नंद राजवंश
B हर्यंक राजवंश, शिशुनाग राजवंश, नंद राजवंश
C नंद राजवंश, हर्यंक राजवंश, शिशुनाग राजवंश
D हर्यंक राजवंश, नंद राजवंश, शिशुनाग राजवंश
व्याख्या

मौर्य-पूर्व मगध का राजनैतिक विस्तार हर्यंक राजवंश से शुरू होकर शिशुनागों और फिर नंदों तक पहुंचा। बिंबिसार और उसका पुत्र अजातशत्रु हर्यंक शासक थे, इसलिए हर्यंक को शिशुनाग या नंद के बाद रखने वाला क्रम गलत है।

प्र.3छठी सदी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों की पहचान के लिए बौद्ध ग्रंथीय साक्ष्य का उपयोग करने वाला इतिहासकार मुख्य रूप से किस स्रोत का उल्लेख करेगा?

A मुण्डक उपनिषद
B अंगुत्तर निकाय
C ऋग्वेद
D ब्राह्मण ग्रंथ
व्याख्या

16 महाजनपदों की बौद्ध ग्रंथीय सूची अंगुत्तर निकाय में मिलती है, जिसमें मगध, कोशल, वत्स और अवंति जैसे राज्य आते हैं। मुण्डक उपनिषद, ऋग्वेद और ब्राह्मण ग्रंथ वैदिक परंपरा से जुड़े हैं, इसलिए इस खास स्रोत-साक्ष्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

प्र.4अभिकथन: महावीर, जिन्हें वर्धमान भी कहा जाता है, जैन परंपरा में 24वें और अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं। कारण: उनका जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में हुआ था, जबकि पार्श्वनाथ उनसे पहले 23वें तीर्थंकर थे।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
C अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
व्याख्या

जैन परंपरा में महावीर या वर्धमान को 24वां और अंतिम तीर्थंकर माना जाता है, और उनका जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में बताया जाता है। पार्श्वनाथ उनसे पहले 23वें तीर्थंकर थे, पर ये तथ्य अभिकथन के क्रमांक को कारण रूप में सिद्ध नहीं करते।

प्र.5जैन तीर्थंकर परंपरा में प्रथम से 24वें और अंतिम तीर्थंकर तक का सही क्रम कौन-सा है?

A पार्श्वनाथ -> ऋषभनाथ -> महावीर
B ऋषभनाथ -> पार्श्वनाथ -> महावीर
C महावीर -> पार्श्वनाथ -> ऋषभनाथ
D ऋषभनाथ -> महावीर -> पार्श्वनाथ
व्याख्या

जैन परंपरा में ऋषभनाथ प्रथम तीर्थंकर, पार्श्वनाथ 23वें और महावीर या वर्धमान 24वें तथा अंतिम तीर्थंकर हैं। महावीर का जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में हुआ था, इसलिए उन्हें पार्श्वनाथ से पहले रखना गलत है।

आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

66वीं शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों के लिए स्रोत और राजनीतिक संदर्भ का सही युग्म कौन-सा है?

Aअंगुत्तर निकाय - मगध, कोसल, वत्स और अवन्ति जैसे राज्यों सहित सूची
Bमुण्डक उपनिषद - बिम्बिसार से धनानन्द तक की राजवंशावली
Cऋग्वेद - नन्दों के गंगा मैदानों वाले स्थायी राज्यों की सूची
Dत्रिपिटक विनय - नन्द साम्राज्य का प्रशासनिक ग्रंथ

7निम्न में से जैन पंच महाव्रतों में कितने आते हैं: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य, यज्ञ?

Aतीन
Bचार
Cपांच
Dछह

8प्राचीन भारतीय इतिहास की स्रोत-समीक्षा के लिए कौन-सा युग्म सबसे उपयुक्त है?

Aऋग्वेद - 16 महाजनपदों की सूची
Bमुण्डक उपनिषद - पूर्व वैदिक गो-केन्द्रित जन-अर्थव्यवस्था
Cत्रिपिटक - जैन स्याद्वाद सिद्धांत
Dअंगुत्तर निकाय - छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों का प्रमाण

9अभिकथन: पूर्व वैदिक समाज को मुख्यतः पशुपालक, जन-आधारित और गो-केन्द्रित माना जाता है। कारण: पूर्व वैदिक क्षितिज लगभग 1500-1000 ईसा पूर्व में उत्तर-पश्चिम के सप्त सिंधु क्षेत्र में केंद्रित था।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

10मौर्यों से पहले मगध के उदय के प्रमुख राजवंशी चरणों का सही क्रम कौन-सा है?

Aनंद - शिशुनाग - हर्यक
Bशिशुनाग - हर्यक - नंद
Cहर्यक - शिशुनाग - नंद
Dहर्यक - नंद - शिशुनाग

11गौतम बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटना को उससे संबंधित स्थान से मिलाइए।

Aजन्म - बोधगया; ज्ञान-प्राप्ति - लुम्बिनी; प्रथम उपदेश - कुशीनगर; महापरिनिर्वाण - सारनाथ
Bजन्म - सारनाथ; ज्ञान-प्राप्ति - कुशीनगर; प्रथम उपदेश - लुम्बिनी; महापरिनिर्वाण - बोधगया
Cजन्म - लुम्बिनी; ज्ञान-प्राप्ति - बोधगया; प्रथम उपदेश - सारनाथ; महापरिनिर्वाण - कुशीनगर
Dजन्म - कुशीनगर; ज्ञान-प्राप्ति - सारनाथ; प्रथम उपदेश - बोधगया; महापरिनिर्वाण - लुम्बिनी

12पूर्व वैदिक से उत्तर वैदिक काल में संक्रमण के संदर्भ में आर. एस. शर्मा से सामान्यतः जुड़ी ऐतिहासिक व्याख्या को कौन-सा कथन सबसे ठीक व्यक्त करता है?

Aउत्तर वैदिक काल में गंगा के मैदानों की ओर विस्तार, लोहे का प्रसार, स्थायी कृषि, बड़े जनपदों का उदय और वर्ण व्यवस्था की अधिक कठोरता दिखाई देती है।
Bउत्तर वैदिक काल सप्त सिंधु क्षेत्र तक सीमित रहा और ऋग्वैदिक चरण जैसी ही पशुपालक जनजातीय संरचना बनाए रखी।
Cउत्तर वैदिक काल की मुख्य पहचान कृषि के पतन और वर्ण भेदों के लोप से होती है।
Dउत्तर वैदिक काल को नंदों के अधीन मगध-केंद्रित शहरी साम्राज्यवादी चरण के रूप में सबसे अच्छा समझा जाता है।

13वैदिक साहित्य के वर्गीकरण में चारों वेदों के मंत्र-संग्रह किस घटक में आते हैं?

Aब्राह्मण
Bसंहिताएँ
Cआरण्यक
Dउपनिषद

14आरंभिक वैदिक समाज से उत्तर वैदिक समाज में संक्रमण के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरंभिक वैदिक समाज मुख्यतः पशुपालक, गो-केंद्रित और जन-आधारित था। 2. आरंभिक वैदिक राजनीतिक व्यवस्था में सभा और समिति राजा की शक्ति पर नियंत्रण रखती थीं। 3. उत्तर वैदिक चरण में गंगा मैदानों की ओर विस्तार, लोहे का व्यापक प्रयोग और बड़े जनपदों का उदय हुआ। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

15वैदिक साहित्य में ऋग्वेद की स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?

Aयह चारों वेदों में सबसे प्राचीन है और सप्त-सिंधु क्षेत्र में केंद्रित आरंभिक वैदिक काल से जुड़ा है।
Bयह सबसे बाद का वेद है और मुख्यतः गंगा मैदानों के उत्तर वैदिक कृषक जीवन को दर्ज करता है।
Cयह मंत्रों के बजाय मुख्यतः अनुष्ठान-व्याख्या वाला ब्राह्मण ग्रंथ है।
Dयह वही उपनिषद है जिससे सत्यमेव जयते लिया गया है।

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