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दिल्ली सल्तनत: राज्य-व्यवस्था, समाज एवं संस्कृति MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए दिल्ली सल्तनत: राज्य-व्यवस्था, समाज एवं संस्कृति के 30 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1दिल्ली सल्तनत के राजवंशों का कौन-सा कालक्रम ग़ियासुद्दीन तुग़लक़ द्वारा स्थापित वंश को सही स्थान पर रखता है?

A ममलूक - तुग़लक़ - ख़िलजी - सैयद - लोदी
B ख़िलजी - ममलूक - तुग़लक़ - लोदी - सैयद
C ममलूक - ख़िलजी - तुग़लक़ - सैयद - लोदी
D ममलूक - ख़िलजी - सैयद - तुग़लक़ - लोदी
व्याख्या

दिल्ली सल्तनत में 1206 से 1526 तक ममलूक, ख़िलजी, तुग़लक़, सैयद और लोदी राजवंश क्रमशः आए. ग़ियासुद्दीन तुग़लक़ ने ख़िलजियों के बाद तुग़लक़ वंश की स्थापना की; इसलिए इसे ख़िलजियों से पहले या सैयदों के बाद रखना कालक्रम की भूल है.

प्र.2दिल्ली सल्तनत के केंद्रीय प्रशासन में वज़ीर के अधीन वित्त विभाग के रूप में किस कार्यालय की पहचान सही है?

A दीवान-ए-विजारत
B दीवान-ए-अर्ज़
C दीवान-ए-इंशा
D दीवान-ए-रिसालत
व्याख्या

दीवान-ए-विजारत दिल्ली सल्तनत का वित्त विभाग था और वज़ीर इसका प्रमुख होता था. दीवान-ए-अर्ज़ सैन्य विभाग, दीवान-ए-इंशा पत्र-व्यवहार और दीवान-ए-रिसालत अलग केंद्रीय कार्यालय था; इसलिए उन्हें वित्त विभाग मानना गलत है.

प्र.3दिल्ली सल्तनत में बलबन द्वारा ज़िल्ल-ए-इलाही की धारणा का प्रयोग किस राजनीतिक विचार को सबसे स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है?

A राजकीय निरंकुशता, जिसमें सुल्तान को ईश्वर की छाया के रूप में प्रस्तुत किया गया
B चालीस तुर्क अमीरों के दल द्वारा सुल्तान का निर्वाचन
C नकद वेतन के बदले प्रांतीय राजस्व-निर्धारण
D गैर-मुस्लिम प्रजा को जज़िया से धार्मिक छूट
व्याख्या

गुलाम राजवंश के बलबन ने ज़िल्ल-ए-इलाही के सहारे सुल्तान को ईश्वर की छाया बताकर राजसत्ता को बहुत ऊँचा स्थान दिया। चिहलगानी, इक्ता और जज़िया अलग व्यवस्थाओं से जुड़े थे; वे बलबन के निरंकुश राजत्व-सिद्धांत को नहीं समझाते।

प्र.4दिल्ली सल्तनत के शासक राजवंशों को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A खिलजी, मामलुक, तुगलक, सैय्यद, लोदी
B मामलुक, तुगलक, खिलजी, सैय्यद, लोदी
C मामलुक, खिलजी, तुगलक, लोदी, सैय्यद
D मामलुक, खिलजी, तुगलक, सैय्यद, लोदी
व्याख्या

दिल्ली सल्तनत का काल 1206 से 1526 माना जाता है और इसका क्रम मामलुक या गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैय्यद और लोदी राजवंशों से बनता है। 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया और यह क्रम समाप्त हुआ।

प्र.5इल्तुतमिश के अधीन इक्ता व्यवस्था के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अमीरों और अधिकारियों को वेतन के बदले दिया जाने वाला भू-राजस्व आवंटन था. 2. इससे दिया गया क्षेत्र धारक की निजी वंशानुगत संपत्ति बन जाता था. कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A केवल 1
B केवल 2
C 1 और 2 दोनों
D न तो 1, न ही 2
व्याख्या

इल्तुतमिश ने इक्ता व्यवस्था को संगठित किया, जिसमें अमीरों या अधिकारियों को वेतन के बदले भू-राजस्व से जुड़ा अधिकार दिया जाता था. इसे सीधे निजी वंशानुगत संपत्ति समझना गलत है; मानक इतिहास-लेखन में इक्ता मुख्यतः प्रशासनिक और राजस्वीय आवंटन मानी जाती है.

आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6दिल्ली सल्तनत में फ़िरोज़ शाह तुगलक की प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान को कौन-सा संयोजन सबसे सही रूप में दिखाता है?

Aकुतुब मीनार, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद और गुलाम राजवंश की स्थापना
Bसिंचाई नहरें, नए नगर, दीवान-ए-ख़ैरात, जज़िया को फिर से लागू करना और पुराने स्मारकों की मरम्मत
Cबाज़ार नियंत्रण, उपज का आधा भू-राजस्व, दाग, चेहरा और मलिक काफूर के दक्कन अभियान
Dराजधानी को दौलताबाद ले जाना और कांस्य सांकेतिक मुद्रा जारी करना

7फ़िरोज़ शाह तुगलक के शासन के स्रोत-आधारित अध्ययन के लिए कौन-सा युग्म सबसे उपयुक्त है?

Aशम्स-ए-सिराज अफीफ की तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही, जिसमें फ़िरोज़ शाह तुगलक के शासन पर केंद्रित विवरण मिलता है
Bअमीर खुसरो की कविता, जो 1526 के पानीपत के प्रथम युद्ध का वर्णन करने के लिए लिखी गई थी
Cइब्न बतूता की रिहला, जिसका मुख्य उपयोग सिकंदर लोदी के शासन और आगरा की स्थापना के लिए होता है
Dबाबर की आत्मकथा, जिसे फ़िरोज़ शाह तुगलक की नहर-निर्माण नीति का समकालीन विवरण माना जाता है

8खिज्र खां और उत्तरकालीन दिल्ली सल्तनत के बारे में कौन-सा कथन सही है?

Aउसने पानीपत में इब्राहिम लोदी को हराकर लोदी राजवंश की स्थापना की।
Bवह तुगलक शासक था जिसने राजधानी दौलताबाद ले जाने का प्रयास किया।
Cउसने सल्तनत के तुगलक चरण के बाद सैयद राजवंश की स्थापना की।
Dवह अलाउद्दीन खलजी के अधीन दक्कन अभियानों का सेनापति था।

9इल्तुतमिश द्वारा सल्तनत सत्ता के सुदृढ़ीकरण के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने इक्ता व्यवस्था को संगठित किया। 2. उसने चांदी का टंका और तांबे का जीतल जारी किया। 3. उसने तुर्कान-ए-चहलगानी का गठन किया। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

10अलाउद्दीन खिलजी के बाजार-नियमों के बारे में स्रोत-समालोचनात्मक दृष्टि से कौन-सा कथन स्नातक स्तर पर सबसे अधिक संगत है?

Aउनकी जानकारी केवल सीरी में अलाउद्दीन द्वारा जारी अभिलेखों से मिलती है
Bइतिहासकार उन्हें अस्वीकार करते हैं क्योंकि किसी सल्तनती इतिहासकार ने मूल्य-नियंत्रण का उल्लेख नहीं किया
Cउन्हें मुख्यतः इल्तुतमिश के मुद्रा-सुधारों से अनुमानित किया जाता है
Dउनका वर्णन जियाउद्दीन बरनी ने किया, पर उसका विवरण आलोचनात्मक ढंग से पढ़ना चाहिए क्योंकि वह अलाउद्दीन के शासन के बाद लिखा गया

11दिल्ली सल्तनत के संदर्भ में सूफ़ी व्यक्ति या सिलसिले को उसके सही संबंध से मिलाइए: 1. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती 2. निजामुद्दीन औलिया 3. सुहरावर्दी सिलसिला 4. चिश्ती सिलसिला

A1-अजमेर, 2-दिल्ली के चिश्ती संत, 3-एक अन्य प्रमुख सूफ़ी सिलसिला, 4-सूफ़ीवाद के प्रसार का प्रमुख माध्यम
B1-दिल्ली का दरबारी कवि, 2-आगरा का संस्थापक, 3-बाजार विभाग, 4-अफगान शासक घराना
C1-दौलताबाद, 2-सैयद राजवंश का संस्थापक, 3-मुद्रा-मानक, 4-सैन्य दाग व्यवस्था
D1-तुगलकाबाद, 2-जज़िया को फिर से लागू करने वाला, 3-सच्ची मेहराब, 4-चालीस अमीरों का दल

12कथन: ग़ियासुद्दीन तुग़लक़ ने दिल्ली सल्तनत के तुग़लक़ वंश की स्थापना की. कारण: उसके पुत्र मुहम्मद बिन तुग़लक़ ने राजधानी को दौलताबाद ले जाने और कांस्य सांकेतिक मुद्रा चलाने का प्रयास किया.

Aकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण कथन की व्याख्या करता है.
Bकथन सही है, लेकिन कारण गलत है.
Cकथन गलत है, लेकिन कारण सही है.
Dकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की व्याख्या नहीं करता.

13दिल्ली सल्तनत में इक्ता की संस्थागत महत्ता को सबसे सही ढंग से कौन-सा कथन व्यक्त करता है?

Aयह अजमेर और दिल्ली में सूफ़ीवाद फैलाने वाला भक्तिपरक सिलसिला था।
Bयह अमीरों या अधिकारियों को वेतन के बदले दिया जाने वाला मूल भू-राजस्व अधिकार था।
Cयह इल्तुतमिश द्वारा संगठित चालीस तुर्क अमीरों का दल था।
Dयह सुल्तान के सामने सिजदा करने की राजकीय रस्म थी।

14दिल्ली सल्तनत के केंद्रीय प्रशासन में वजीर के अधीन कौन-सा विभाग मुख्यतः वित्त से संबंधित था?

Aदीवान-ए-अर्ज
Bदीवान-ए-इंशा
Cदीवान-ए-विजारत
Dदीवान-ए-रिसालत

15दिल्ली सल्तनत में इल्तुतमिश से जुड़ा मुद्राशास्त्रीय सुधार कौन-सा था?

Aउसने चांदी के तंका को मानक बनाया और तांबे का जीतल जारी किया।
Bउसने तुगलक काल में कांस्य प्रतीक मुद्रा चलाई।
Cउसने नकद भुगतान समाप्त कर उन्हें पूरी तरह इक्ता अनुदानों से बदल दिया।
Dउसने तंका की जगह स्वर्ण दीनार को सल्तनत की नियमित मुद्रा बनाया।

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