भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, ISRO का PSLV-N1 देश का पहला पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल बना, जिसका निर्माण पूरी तरह उद्योग संघ — हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) — ने किया। फरवरी 2026 में किया गया यह मिशन ISRO के भीतर रॉकेट असेंबली करने की व्यवस्था से हटकर निजी क्षेत्र के भागीदारों को उत्पादन सौंपने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव था। प्राथमिक पेलोड EOS-10 (जिसे Oceansat-3A भी कहा जाता है) था — यह पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भारत की समुद्र विज्ञान निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। द्वितीयक पेलोड भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह था, जो द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करता है। PSLV-N1, नियमित प्रक्षेपण वाहन उत्पादन को उद्योग को सौंपने की ISRO की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, ताकि ISRO के वैज्ञानिक गगनयान और चंद्रयान-4 जैसे उन्नत मिशनों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। भारत के लिए यह आत्मनिर्भर वाणिज्यिक अंतरिक्ष तंत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ISRO PSLV-N1: भारत का पहला उद्योग-निर्मित PSLV सफलतापूर्वक लॉन्च
PSLV-N1, भारत का पहला उद्योग-निर्मित PSLV (HAL + L&T संघ द्वारा), ने EOS-10 (Oceansat-3A) और भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया — अंतरिक्ष निजीकरण में एक मील का पत्थर।
मुख्य तथ्य
- PSLV-N1 भारत का पहला PSLV है जिसे पूरी तरह उद्योग (HAL + L&T संघ) ने बनाया
- प्राथमिक पेलोड: EOS-10 (Oceansat-3A) — पृथ्वी अवलोकन उपग्रह
- द्वितीयक पेलोड: भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह
- ISRO के अपने उत्पादन से निजी क्षेत्र के निर्माण की ओर बदलाव
- वाणिज्यिक अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के लिए IN-SPACe ढांचे का हिस्सा
- 2040 तक वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में 10% हिस्सेदारी पाने के भारत के लक्ष्य में मदद
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के रणनीतिक और तकनीकी महत्त्व का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। — दोनों भारत के अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्वदेशीकरण और रक्षा एवं अंतरिक्ष उत्पादन में निजी उद्योग की भूमिका से संबंधित हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: अंतरिक्ष निजीकरण के लिए भारत के पहले उद्योग-निर्मित प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-एन1 के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
HAL-एलएंडटी संघ द्वारा निर्मित पीएसएलवी-एन1 फरवरी 2026 में भारत का पहला उद्योग-निर्मित प्रक्षेपण यान बना। इसने समुद्र विज्ञान निगरानी के लिए ईओएस-10 और भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह प्रक्षेपित किया। इससे नियमित उत्पादन उद्योग को सौंपा जा सकेगा, ताकि इसरो गगनयान और चंद्रयान-4 पर ध्यान दे सके और भारत 2040 तक वैश्विक अंतरिक्ष बाजार का 10 प्रतिशत हासिल करे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PSLV-N1 किसने बनाया?
HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) और L&T (लार्सन एंड टुब्रो) के उद्योग संघ ने।
PSLV-N1 का द्वितीयक पेलोड क्या था?
भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह
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