भारत ने 11 मई 2026 को 28वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय पर मनाया। यह दिवस 11 मई 1998 को परमाणु ऊर्जा आयोग और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा ऑपरेशन शक्ति के कूटनाम से किए गए सफल पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है, जब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक सलाहकार थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय "विज्ञान टेक 2026" प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, जिसमें 3,000 से अधिक हितधारक तथा राष्ट्रीय अनुसंधान संगठनों, वैज्ञानिक मंत्रालयों और स्टार्टअप्स की 500 से अधिक तकनीकें और नवाचार शामिल हुए। यह विषय नैतिक AI उपयोग, सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता, डीप-टेक स्टार्टअप, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता तथा डिजिटल अवसंरचना की स्थिरता पर बल देता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पोखरण-2 परीक्षणों ने भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता को दर्शाया था और इस दिन को विकसित भारत 2047 दृष्टिकोण को गति देने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा नवप्रवर्तकों के प्रति श्रद्धांजलि बताया। स्वदेशी प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण, स्टार्टअप नवाचार तथा अनुप्रयोग अनुसंधान जैसी श्रेणियों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार प्रदान किए गए। यह दिन सोमनाथ अमृत महोत्सव से भी जुड़ा रहा, जिसने सभ्यतागत गौरव और वैज्ञानिक शक्ति को साथ रखा। उद्योग जगत के नेताओं ने नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ उभरती प्रौद्योगिकियों के उत्तरदायी उपयोग का आह्वान किया।
भारत ने 11 मई 2026 को 28वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय पर मनाया; सरकार ने भारत मंडपम में तीन दिवसीय विज्ञान टेक 2026 प्रदर्शनी का शुभारंभ किया
भारत ने 11 मई 2026 को 28वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय पर 1998 के पोखरण-2 परीक्षणों की स्मृति में मनाया तथा भारत मंडपम में 3,000+ हितधारकों और 500+ प्रौद्योगिकियों के साथ तीन दिवसीय विज्ञान टेक 2026 प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
मुख्य तथ्य
- 28वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई 2026 को समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार विषय पर मनाया गया
- यह 11 मई 1998 को ऑपरेशन शक्ति कूट नाम के तहत किए गए पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है
- पोखरण-2 के समय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार थे
- सरकार ने भारत मंडपम में तीन दिवसीय विज्ञान टेक 2026 का शुभारंभ किया, जिसमें 3,000+ हितधारक और 500+ प्रौद्योगिकियाँ शामिल थीं
- मुख्य विषय नैतिक AI, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक तथा सुगम्यता पर केंद्रित है
- स्वदेशी प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण तथा स्टार्टअप नवाचार के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार प्रदान किए गए
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह हर वर्ष 11 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1998 में ऑपरेशन शक्ति कूटनाम के तहत किए गए पोखरण-2 परीक्षणों की याद दिलाना है। 2. 2026 का विषय “समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार” है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा या कौन-से सही हैं?
दोनों कथन सही हैं। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को मनाया जाता है, जो 11 मई 1998 को ऑपरेशन शक्ति कूट नाम के तहत किए गए पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों की स्मृति में है, और 2026 का आधिकारिक विषय "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" घोषित किया गया है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को क्यों मनाया जाता है?
यह 11 मई 1998 को ऑपरेशन शक्ति के कूटनाम से किए गए सफल पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है, जिनसे भारत पूर्ण परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 का विषय क्या है?
विषय है समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार, जो नैतिक AI, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक, सुगम्यता तथा स्थिरता पर केंद्रित है।
विज्ञान टेक 2026 क्या है?
11 मई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई तीन दिवसीय प्रदर्शनी, जिसमें 3,000 से अधिक हितधारक शामिल हुए और अनुसंधान संस्थानों, मंत्रालयों और स्टार्टअप्स की 500 से अधिक प्रौद्योगिकियाँ एक साथ सामने आईं।
पोखरण-2 के समय वैज्ञानिक सलाहकार कौन थे?
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार तथा ऑपरेशन शक्ति के प्रमुख शिल्पकार थे।
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