स्वदेशी नेत्र हवाई पूर्व चेतावनी एवं नियंत्रण (AEW&C) प्रणाली को 25 जून 2026 को बेंगलुरु में एक समारोह में अंतिम परिचालन मंजूरी (FOC) प्रदान की गई। इसे बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) ने विकसित किया है और इसे ब्राज़ील के एम्ब्रायर EMB-145I विमान मंच पर एकीकृत किया गया है। इस प्रणाली में सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन की जाने वाली ऐरे (AESA) रडार, मित्र-शत्रु पहचान (IFF), मिशन कंप्यूटर, सुरक्षित संचार नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक सहायक उपाय (ESM) तथा संचार सहायक उपाय शामिल हैं। भारत यह क्षमता विकसित करने वाला विश्व का पाँचवाँ देश बन गया है, क्योंकि नेत्र हवाई एवं समुद्री लक्ष्यों का पता लगा सकती है, उन्हें ट्रैक, पहचान तथा निगरानी कर सकती है, जिससे वायुसेना की नेटवर्क-केंद्रित क्षमताएँ मज़बूत होती हैं। नेत्र ने 2019 के बालाकोट हमलों तथा मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बल गुणक की भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम की जड़ें 1980 के दशक की शुरुआत में हैं और स्वदेशी AEW&C की वायुसेना की खोज 1983 में आरंभ हुई। 1999 में अराक्कोणम के पास संशोधित HS-748 एवरो विमान के दुखद दुर्घटनाग्रस्त होने में आठ लोग मारे गए, जिनमें चार वायुसेना कर्मी और चार वैज्ञानिक थे; इसके बाद कार्यक्रम अस्थायी रूप से रोक दिया गया और 2004 में पुनः स्वीकृत किया गया। आरंभिक परिचालन मंजूरी 2015 में मिली और प्रणाली 2017 में वायुसेना में शामिल हुई। मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति ने CABS द्वारा छह और AEW&C Mk-1A प्रणालियों के विकास को मंजूरी दी है।
नेत्र AEW&C प्रणाली को अंतिम परिचालन मंजूरी मिली
भारत की स्वदेशी नेत्र AEW&C प्रणाली को 25 जून 2026 को अंतिम परिचालन मंजूरी मिली, जिससे भारत यह क्षमता विकसित करने वाला पाँचवाँ देश बन गया। CABS द्वारा विकसित यह प्रणाली बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिंदूर में बल गुणक रही।
मुख्य तथ्य
- नेत्र AEW&C प्रणाली को 25 जून 2026 को बेंगलुरु में अंतिम परिचालन मंजूरी (FOC) मिली।
- इसे सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) ने विकसित किया और ब्राज़ील के एम्ब्रायर EMB-145I मंच पर एकीकृत किया गया।
- भारत यह AEW&C क्षमता विकसित करने वाला विश्व का पाँचवाँ देश है।
- इसमें AESA रडार, IFF, मिशन कंप्यूटर, सुरक्षित संचार तथा ESM शामिल हैं।
- इसने 2019 बालाकोट हमलों और 2025 ऑपरेशन सिंदूर में बल गुणक की भूमिका निभाई।
- मंत्रिमंडल सुरक्षा समिति ने CABS द्वारा छह और AEW&C Mk-1A प्रणालियों के विकास को मंजूरी दी।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्वदेशी नेत्र हवाई पूर्व चेतावनी एवं नियंत्रण (AEW&C) प्रणाली को किस विमान मंच पर एकीकृत किया गया है?
लेख के अनुसार, सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) द्वारा विकसित स्वदेशी नेत्र AEW&C प्रणाली को ब्राज़ील के एम्ब्रायर EMB-145I विमान मंच पर एकीकृत किया गया है। HS-748 एवरो का उपयोग पहले के हवाई निगरानी मंच कार्यक्रम में हुआ था, वर्तमान नेत्र में नहीं।
स्रोत: द हिन्दू
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नेत्र AEW&C प्रणाली क्या है?
यह CABS द्वारा विकसित एक स्वदेशी हवाई पूर्व चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली है, जिसे एम्ब्रायर EMB-145I विमान पर एकीकृत किया गया है और जो हवाई एवं समुद्री लक्ष्यों का पता लगा, ट्रैक, पहचान तथा निगरानी कर सकती है।
नेत्र को अंतिम परिचालन मंजूरी कब मिली?
नेत्र को 25 जून 2026 को बेंगलुरु में एक समारोह में अंतिम परिचालन मंजूरी मिली।
इस क्षमता में भारत का कौन-सा स्थान है?
भारत यह AEW&C क्षमता विकसित करने वाला विश्व का पाँचवाँ देश बन गया।
नेत्र का परिचालन उपयोग कहाँ हुआ?
नेत्र ने 2019 के बालाकोट हमलों और मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में बल गुणक की भूमिका निभाई।
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