भारतीय तटरक्षक बल ने 27 जून 2026 को गोवा स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में नई पीढ़ी के त्वरित गश्ती जहाज (एफपीवी) आईसीजीएस अक्षय को अपने बेड़े में शामिल कर आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अक्षय नाम का यह तेज गश्ती पोत देश के समुद्री हितों की रक्षा के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की अटूट प्रतिबद्धता, दृढ़ता और संकल्प का प्रतीक है। यह पोत भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को और सुदृढ़ करेगा तथा समुद्री सुरक्षा और स्वच्छ समुद्री वातावरण बनाए रखने के प्रति बल की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। यह पोत तटरक्षक बल के विभिन्न अभियानों को पूरा करने में सक्षम है, जिनमें समुद्री कानून का प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, समुद्री पर्यावरण संरक्षण तथा संकटग्रस्त नाविकों को सहायता प्रदान करना शामिल है। इसके शामिल होने से बल की परिचालन क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी। इस पोत को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में अपर सचिव (कार्मिक) श्रीमती परमा सेन ने भारतीय तटरक्षक बल में कमीशन किया। इस अवसर पर तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा, पीटीएम, टीएम, डिप्टी डायरेक्टर जनरल (एचआरडी) इंस्पेक्टर जनरल ज्योतिंद्र सिंह, टीएम तथा केंद्र व राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं निर्मित आईसीजीएस अक्षय स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है तथा यह 'आत्मनिर्भर भारत' के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पोत के बेड़े में शामिल होने से देश की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को और बल मिलेगा तथा भारत के समुद्री तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
आईसीजीएस अक्षय भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल
भारतीय तटरक्षक बल ने 27 जून 2026 को गोवा में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं निर्मित नई पीढ़ी के त्वरित गश्ती जहाज आईसीजीएस अक्षय को बेड़े में शामिल किया। श्रीमती परमा सेन द्वारा कमीशन किया गया यह स्वदेशी पोत समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करता है तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- आईसीजीएस अक्षय, एक नई पीढ़ी का त्वरित गश्ती जहाज (एफपीवी), 27 जून 2026 को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया।
- इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन एवं निर्मित किया, जो स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' की सोच को दर्शाता है।
- इस पोत को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में अपर सचिव (कार्मिक) श्रीमती परमा सेन ने कमीशन किया।
- यह पोत समुद्री कानून प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव, समुद्री पर्यावरण संरक्षण तथा संकटग्रस्त नाविकों की सहायता करने में सक्षम है।
- इसके शामिल होने से तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता तथा भारत के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
- कमीशनिंग समारोह में इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा (कमांडर, तटरक्षक क्षेत्र पश्चिम) तथा डीडीजी (एचआरडी) इंस्पेक्टर जनरल ज्योतिंद्र सिंह उपस्थित रहे।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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आईसीजीएस अक्षय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया एक त्वरित गश्ती जहाज है। 2. इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं निर्मित किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। आईसीजीएस अक्षय एक नई पीढ़ी का त्वरित गश्ती जहाज (एफपीवी) है, जिसे 27 जून 2026 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया, तथा इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं निर्मित किया गया, जो स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को दर्शाता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईसीजीएस अक्षय क्या है?
आईसीजीएस अक्षय एक नई पीढ़ी का त्वरित गश्ती जहाज (एफपीवी) है, जिसे 27 जून 2026 को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया।
आईसीजीएस अक्षय को किसने डिजाइन एवं निर्मित किया?
इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन एवं निर्मित किया, जो स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का उदाहरण है।
इस पोत को किसने कमीशन किया?
इसे वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में अपर सचिव (कार्मिक) श्रीमती परमा सेन ने कमीशन किया।
यह पोत कौन-कौन से कार्य कर सकता है?
यह समुद्री कानून प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव, समुद्री पर्यावरण संरक्षण तथा संकटग्रस्त नाविकों की सहायता कर सकता है।
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