सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 मई 2026 को दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया। इस नई प्रणाली में वाहन बिना रुके, राजमार्ग की गति बनाए रखते हुए टोल बिंदुओं से गुजर सकते हैं। इसके लिए ओवरहेड गैंट्री पर उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे, FASTag के लिए RFID रीडर, LiDAR सेंसर, रडार तथा VAHAN डेटाबेस से जुड़ा AI-आधारित सत्यापन तंत्र लगाया गया है। वैध FASTag वाले वाहनों से टोल स्वतः कट जाता है; FASTag न होने पर अथवा शेष राशि अपर्याप्त होने पर वाहनों को NHAI द्वारा ई-नोटिस भेजा जाएगा। यह भारत का दूसरा एमएलएफएफ प्लाजा है, इससे पहले 1 मई 2026 को गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर चोरयासी में पहला प्लाजा शुरू किया गया था। गडकरी ने कहा कि एमएलएफएफ प्रणाली प्रतिवर्ष लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत करेगी और लगभग 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगी। प्राधिकरण 2026-27 में लगभग 25 टोल प्लाजा और अगले वित्तीय वर्ष में लगभग 200 और प्लाजाओं को इस प्रणाली में बदलने की योजना बना रहे हैं, जिसका व्यापक लक्ष्य 2026 के अंत तक पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को इसके दायरे में लाना है। यह प्रणाली पूरे भारत में दूरी-आधारित, भीड़भाड़-रहित तथा कागज़-रहित टोल वसूली के मंत्रालय के घोषित लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 11 मई 2026 को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर मुंडका-बक्करवाला में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो बैरियर-रहित टोल प्लाजा का उद्घाटन किया
11 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर मुंडका-बक्करवाला में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो, बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा का उद्घाटन किया। इसमें ANPR तकनीक और FASTag-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह से वाहनों को रोके बिना राजमार्ग टोल वसूला जाएगा।
मुख्य तथ्य
- 11 मई 2026 को दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर मुंडका-बक्करवाला में इसका उद्घाटन किया गया
- 1 मई 2026 को चोरयासी (राष्ट्रीय राजमार्ग-48, गुजरात) में शुरू हुए प्रथम प्लाजा के बाद यह भारत का दूसरा एमएलएफएफ प्लाजा है
- ANPR तकनीक का उपयोग FASTag-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह से जोड़कर किया जाता है
- जिन वाहनों में FASTag नहीं होगा या शेष राशि अपर्याप्त होगी, उन्हें NHAI से ई-नोटिस मिलेगा
- प्रतिवर्ष 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत और 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी की उम्मीद
- एमएलएफएफ का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, परिचालन लागत घटाना और टोल वसूली को और कुशल बनाना है
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दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बैरियर-रहित टोल प्लाजा 11 मई 2026 को किस सड़क पर शुरू किया गया?
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पहला एमएलएफएफ बैरियर-रहित टोल प्लाजा अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर स्थित है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 11 मई 2026 को किया। गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर चोरयासी भारत का पहला एमएलएफएफ प्लाजा था जो 1 मई 2026 को शुरू हुआ।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 मई 2026 को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहला एमएलएफएफ बैरियर-रहित टोल प्लाजा कहां उद्घाटित हुआ?
दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया।
एमएलएफएफ प्रणाली कैसे काम करती है?
ओवरहेड गैंट्री पर लगे ANPR कैमरे, FASTag RFID रीडर, LiDAR सेंसर, रडार और VAHAN डेटाबेस से जुड़े AI सत्यापन से वाहन का विवरण पढ़ा जाता है तथा वाहन रोके बिना स्वतः टोल कट जाता है।
यदि किसी वाहन के पास वैध FASTag अथवा पर्याप्त शेष राशि न हो तो क्या होगा?
प्रणाली वाहन का विवरण दर्ज कर लेती है और NHAI भुगतान की वसूली के लिए ई-नोटिस जारी करता है।
राष्ट्रीय स्तर पर एमएलएफएफ से अनुमानित पर्यावरणीय लाभ क्या हैं?
प्रतिवर्ष लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन की बचत तथा प्रतिवर्ष लगभग 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी।
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