प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की सिविल सेवाओं को नागरिक-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-आधारित व्यवस्था में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। 2020 में शुरू किया गया मिशन कर्मयोगी, सिविल सेवा क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCSCB) है, जिसका उद्देश्य सही दृष्टिकोण, कौशल और ज्ञान के साथ भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा बनाना है।

प्रधानमंत्री ने शासन में नियम-आधारित दृष्टिकोण से भूमिका-आधारित दृष्टिकोण की ओर बढ़ने के महत्व को रेखांकित किया, जहां सिविल सेवक नवाचारपूर्ण सोच और परिणाम देने के लिए सशक्त हों। मिशन का डिजिटल आधार iGOT कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें अब केंद्र और राज्य सरकारों के 1.5 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी जुड़े हुए हैं, 8 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं और 4,600 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। साधना सप्ताह में क्षमता निर्माण कार्यशालाएं, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने वाले सत्र और लोक सेवा वितरण में उत्कृष्टता दिखाने वाले उत्कृष्ट सिविल सेवकों का सम्मान शामिल था।