भारत सरकार ने 19 मार्च 2026 से राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) का औपचारिक गठन किया। इसने दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 के तहत स्थापित भारतीय दंत परिषद (DCI) की जगह ली। NDC का गठन राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम 2023 के तहत हुआ, जिसे व्यापक स्वास्थ्य सेवा नियामक सुधारों के हिस्से के रूप में संसद ने पारित किया था। यह आयोग राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मॉडल पर आधारित है, जिसने 2020 में भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लिया था।

NDC में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं: चार स्वायत्त बोर्ड बनाए गए हैं — स्नातक दंत शिक्षा बोर्ड, स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड, दंत मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड, और नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड। एक प्रमुख सुधार दंत स्नातकों के लिए सामान्य प्रवेश और निकास परीक्षा की शुरुआत है। आयोग सभी लाइसेंस प्राप्त दंत चिकित्सकों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाएगा। भारत में लगभग 3.1 लाख पंजीकृत दंत चिकित्सक हैं, जो 1.4 अरब की आबादी को सेवाएँ देते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भारी कमी है।