राष्ट्रीय दंत आयोग का गठन, 67 वर्ष पुरानी दंत परिषद भारत की जगह ली
Aसीधा उत्तर
19 मार्च 2026 से राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) ने NDC अधिनियम 2023 के तहत दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 के तहत स्थापित भारतीय दंत परिषद की जगह ली। NDC में तीन स्वायत्त बोर्ड हैं, दंत स्नातकों के लिए एक जैसी प्रवेश और निकास परीक्षा शुरू की गई है और राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्टर रखा जाता है — राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (2020) के मॉडल पर।
मुख्य तथ्य
राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) ने 19 मार्च 2026 से NDC अधिनियम 2023 के तहत 67 वर्ष पुरानी भारतीय दंत परिषद (DCI, स्थापित 1948) का स्थान लिया।
NDC के अंतर्गत चार स्वायत्त बोर्ड हैं: UG & PG दंत शिक्षा बोर्ड, दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड, नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड, और दंत अनुसंधान बोर्ड।
दंत स्नातकों के लिए एकसमान प्रवेश परीक्षा और निकास परीक्षा (एग्जिट एग्जाम) शुरू की गई।
राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्टर को NDC केंद्रीय स्तर पर बनाए रखेगा।
NDC का मॉडल राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) 2020 पर आधारित है, जिसने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह ली थी।
यह सुधार दंत चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता, गुणवत्ता और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
भारत सरकार ने 19 मार्च 2026 से राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) का औपचारिक गठन किया। इसने दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 के तहत स्थापित भारतीय दंत परिषद (DCI) की जगह ली। NDC का गठन राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम 2023 के तहत हुआ, जिसे व्यापक स्वास्थ्य सेवा नियामक सुधारों के हिस्से के रूप में संसद ने पारित किया था। यह आयोग राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मॉडल पर आधारित है, जिसने 2020 में भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लिया था।
NDC में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं: चार स्वायत्त बोर्ड बनाए गए हैं — स्नातक दंत शिक्षा बोर्ड, स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड, दंत मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड, और नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड। एक प्रमुख सुधार दंत स्नातकों के लिए सामान्य प्रवेश और निकास परीक्षा की शुरुआत है। आयोग सभी लाइसेंस प्राप्त दंत चिकित्सकों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाएगा। भारत में लगभग 3.1 लाख पंजीकृत दंत चिकित्सक हैं, जो 1.4 अरब की आबादी को सेवाएँ देते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भारी कमी है।
0
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय दंत परिषद के स्थान पर राष्ट्रीय दंत आयोग, 2026 द्वारा लाए गए संरचनात्मक एवं नियामक सुधारों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
19 मार्च 2026 से प्रभावी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (2020) पर आधारित राष्ट्रीय दंत आयोग ने एनडीसी अधिनियम 2023 के तहत 67 वर्ष पुरानी दंत परिषद का स्थान लिया। यह चार स्वायत्त बोर्ड स्थापित करता है, दंत स्नातकों के लिए समान प्रवेश और निकास परीक्षा शुरू करता है, राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्टर रखता है और गुणवत्ता मानकीकरण सुनिश्चित करता है।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
संवैधानिक एवं सांविधिक निकायभारतीय संविधान एवं शासनस्वास्थ्य, खाद्य एवं पोषणविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
NDC अधिनियम 2023 के तहत 19 मार्च 2026 से राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) ने 67 वर्ष पुरानी दंत परिषद भारत (DCI, स्थापित 1948) की जगह ली।
राष्ट्रीय दंत आयोग के अंतर्गत कितने स्वायत्त बोर्ड हैं और वे कौन-कौन से हैं?
NDC के अंतर्गत चार स्वायत्त बोर्ड हैं: UG & PG दंत शिक्षा बोर्ड, दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड, नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड, और दंत अनुसंधान बोर्ड।
राष्ट्रीय दंत आयोग किस पूर्व निकाय के मॉडल पर आधारित है?
NDC का मॉडल राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) 2020 पर आधारित है; इसी तरह NMC ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह ली थी।
NDC के तहत राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्टर का क्या महत्व है?
राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्टर एक केंद्रीकृत डेटाबेस है, जिसे NDC देशभर में कार्यरत सभी दंत चिकित्सकों का अभिलेख रखने के लिए संचालित करेगा।
NDC ने दंत स्नातकों के लिए कौन-सी एकसमान परीक्षाएँ शुरू कीं?
NDC ने दंत स्नातकों के लिए एकसमान प्रवेश परीक्षा (NEET-MDS के समतुल्य) और एक मानक निकास परीक्षा (एग्जिट एग्जाम) शुरू की, ताकि सभी दंत संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।