प्रकाशित: 3 अप्रैल 2026अर्थव्यवस्था
अमेरिका ने फार्मा आयात पर 100% शुल्क लगाया: भारत के 30.47 अरब अमेरिकी डॉलर के दवा निर्यात क्षेत्र पर जोखिम
संयुक्त राज्य अमेरिका ने पेटेंट फार्मास्यूटिकल्स और उनसे जुड़ी सक्रिय फार्मास्यूटिकल सामग्री (API) के आयात पर 100% यथामूल्य शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे भारत के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में हलचल मच गई। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल निर्यात गंतव्य है; भारत के दवा निर्यात में उसका करीब 34% हिस्सा है। 2024-25 में भारत का दवा निर्यात 30.47 अरब अमेरिकी डॉलर था।
यह कदम उन जेनेरिक दवा निर्माताओं पर केंद्रित है जो पेटेंट दवाओं के किफायती संस्करण बनाते हैं। दुनिया की फार्मेसी कहे जाने वाला भारत वैश्विक टीका मांग के 60% से अधिक और वैश्विक जेनेरिक दवाओं के 20% की आपूर्ति करता है। उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है और भारतीय फार्मा कंपनियों के राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत सरकार से इस मुद्दे को राजनयिक माध्यमों और विश्व व्यापार संगठन में उठाने की उम्मीद है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के दवा क्षेत्र पर अमेरिकी 100% फार्मा आयात शुल्क के संभावित प्रभाव का आकलन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
अमेरिका ने पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल्स एवं सक्रिय औषधीय सामग्रियों पर 100% यथामूल्य शुल्क घोषित किया, जिससे भारत का 28 अरब डॉलर फार्मा निर्यात खतरे में है। अमेरिका भारतीय फार्मा निर्यात का 40% लेता है; भारत वैश्विक टीकों का 60% एवं जेनरिक का 20% से अधिक आपूर्ति करता है। नई दिल्ली कूटनीतिक और विश्व व्यापार संगठन के स्तर पर उपाय तलाशेगी।
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भारत वैश्विक जेनेरिक दवाओं का कितना प्रतिशत आपूर्ति करता है?
व्याख्या · सही उत्तर Bभारत वैश्विक जेनेरिक दवाओं की 20% और वैश्विक टीका मांग की 60% से अधिक आपूर्ति करता है।