संयुक्त राज्य अमेरिका ने पेटेंट फार्मास्यूटिकल्स और उनसे जुड़ी सक्रिय फार्मास्यूटिकल सामग्री (API) के आयात पर 100% यथामूल्य शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे भारत के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में हलचल मच गई। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल निर्यात गंतव्य है; भारत के दवा निर्यात में उसका करीब 34% हिस्सा है। 2024-25 में भारत का दवा निर्यात 30.47 अरब अमेरिकी डॉलर था।

यह कदम उन जेनेरिक दवा निर्माताओं पर केंद्रित है जो पेटेंट दवाओं के किफायती संस्करण बनाते हैं। दुनिया की फार्मेसी कहे जाने वाला भारत वैश्विक टीका मांग के 60% से अधिक और वैश्विक जेनेरिक दवाओं के 20% की आपूर्ति करता है। उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है और भारतीय फार्मा कंपनियों के राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत सरकार से इस मुद्दे को राजनयिक माध्यमों और विश्व व्यापार संगठन में उठाने की उम्मीद है।