राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल करते हुए एक्मे क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एक्मे ग्रुप) ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में दो प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते हरित अमोनिया के लिए IHI कॉर्पोरेशन और हरित मेथनॉल के लिए मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी, इंक. (MGC) के साथ किए गए। जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृत इस मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उससे बनने वाले उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मिशन के तहत स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशंस फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT) कार्यक्रम भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) द्वारा आयोजित पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता देता है। एक्मे ग्रुप को SIGHT के तहत प्रति वर्ष 3,70,000 टन (370 केटीपीए) की उत्पादन क्षमता दी गई है, जो इन निर्यात-उन्मुख समझौतों का आधार है। IHI कॉर्पोरेशन के साथ समझौते के तहत एक्मे प्रति वर्ष कुल 4,05,000 टन (405 केटीपीए) हरित अमोनिया की आपूर्ति करेगा। इस व्यवस्था को निम्न-कार्बन अमोनिया के लिए जापान की कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस (CfD) योजना का समर्थन प्राप्त है, जिसे METI संचालित करता है। एक्मे ने अपने पारादीप संयंत्र से प्रति वर्ष 1,00,000 टन (100 केटीपीए) हरित मेथनॉल की आपूर्ति के लिए MGC के साथ 10 साल के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह परियोजना वैश्विक कार्बन उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों, विशेषकर समुद्री क्षेत्र के अनुरूप है और यूरोपीय गैर-जैविक मूल के नवीकरणीय ईंधन (RFNBO) मानदंडों तथा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के मानकों को पूरा करने हेतु बनाई गई है। केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने जापान द्वारा CfD सब्सिडी सहायता के विस्तार का स्वागत किया।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत एक्मे ग्रुप ने जापानी कंपनियों के साथ हरित अमोनिया व मेथनॉल के ऐतिहासिक खरीद समझौते किए
एक्मे ग्रुप ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत जापान की IHI कॉर्पोरेशन (हरित अमोनिया) और मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी (हरित मेथनॉल) के साथ दीर्घकालिक खरीद समझौते किए, जो अब तक भारत से जापान को स्वच्छ ईंधन खरीद की सबसे बड़ी प्रतिबद्धताओं में से एक हैं।
मुख्य तथ्य
- एक्मे क्लीनटेक सॉल्यूशंस (एक्मे ग्रुप) ने नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में हरित अमोनिया के लिए जापान की IHI कॉर्पोरेशन और हरित मेथनॉल के लिए मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी (MGC) के साथ दीर्घकालिक खरीद समझौते किए।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृत हुआ, ताकि भारत को हरित हाइड्रोजन व उसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।
- SIGHT कार्यक्रम के तहत भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) की पारदर्शी बोली प्रक्रिया से एक्मे को 370 केटीपीए (3,70,000 टन प्रति वर्ष) की उत्पादन क्षमता दी गई।
- IHI समझौते में 405 केटीपीए (4,05,000 टन प्रति वर्ष) हरित अमोनिया की आपूर्ति है, जिसे METI द्वारा संचालित जापान की कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस (CfD) योजना का समर्थन प्राप्त है।
- 10 वर्षीय MGC समझौते में एक्मे के पारादीप संयंत्र से 100 केटीपीए (1,00,000 टन प्रति वर्ष) हरित मेथनॉल की आपूर्ति शामिल है।
- हरित मेथनॉल यूरोपीय RFNBO मानदंडों और स्वच्छ समुद्री ईंधन हेतु अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के मानकों को पूरा करने के लिए बनाया गया है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक्मे ग्रुप ने किन कंपनियों के साथ खरीद समझौते किए?
एक्मे ने हरित अमोनिया के लिए जापान की IHI कॉर्पोरेशन और हरित मेथनॉल के लिए मित्सुबिशी गैस केमिकल कंपनी, इंक. (MGC) के साथ समझौते किए।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन कब और कितने परिव्यय से स्वीकृत हुआ?
यह जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृत हुआ, ताकि भारत को हरित हाइड्रोजन व उसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।
SIGHT कार्यक्रम क्या है?
स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशंस फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (SIGHT) भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) की पारदर्शी बोली प्रक्रिया से उत्पादन हेतु वित्तीय सहायता देता है; इसके तहत एक्मे को 370 केटीपीए क्षमता दी गई।
दोनों समझौतों में कितनी मात्रा शामिल है?
एक्मे IHI कॉर्पोरेशन को 405 केटीपीए हरित अमोनिया और 10 वर्षीय समझौते के तहत अपने पारादीप संयंत्र से MGC को 100 केटीपीए हरित मेथनॉल की आपूर्ति करेगा।
हरित मेथनॉल परियोजना किन मानकों को पूरा करने हेतु बनाई गई है?
यह यूरोपीय गैर-जैविक मूल के नवीकरणीय ईंधन (RFNBO) मानदंडों और स्वच्छ समुद्री ईंधन हेतु अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के मानकों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
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