मार्च 2026 में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बताया कि 2022–23 से 2024–25 के तीन वर्षों में 5,18,559 खाद्य नमूनों की जांच की गई। इस दौरान 88,192 दंड लगाए गए, 3,614 दोषसिद्धियाँ हुईं और 1,161 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस रद्द किए गए। FSSAI ने 35 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 305 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' (FSW) मोबाइल परीक्षण वैन तैनात की हैं, जो बाजारों में मौके पर मिलावट की जांच करती हैं।

मार्च 2026 में FSSAI ने होली विशेष अभियान के तहत मिठाई, दूध उत्पादों, खाद्य तेल और नमकीन (खोया, पनीर, घी, नमकीन और अनाज उत्पाद) में मिलावट के खिलाफ देशव्यापी निरीक्षण शुरू किया। सभी नमूनों का डेटा 31 मार्च 2026 तक FoSCoS या FoSCoRIS प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य है।

FSSAI खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्य करता है। राजस्थान में डेयरी उत्पादों, मसालों और खाद्य तेलों में मिलावट एक बड़ी जन स्वास्थ्य समस्या है। राज्य का खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के दौरान नियमित छापेमारी करता है, और FSW वैन राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी हैं।