प्रकाशित: 17 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
FSSAI ने तीन वर्षों में 5.18 लाख खाद्य नमूने जांचे; 88,192 दंड, 305 फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स लैब तैनात
मार्च 2026 में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बताया कि 2022–23 से 2024–25 के तीन वर्षों में 5,18,559 खाद्य नमूनों की जांच की गई। इस दौरान 88,192 दंड लगाए गए, 3,614 दोषसिद्धियाँ हुईं और 1,161 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस रद्द किए गए। FSSAI ने 35 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 305 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' (FSW) मोबाइल परीक्षण वैन तैनात की हैं, जो बाजारों में मौके पर मिलावट की जांच करती हैं।
मार्च 2026 में FSSAI ने होली विशेष अभियान के तहत मिठाई, दूध उत्पादों, खाद्य तेल और नमकीन (खोया, पनीर, घी, नमकीन और अनाज उत्पाद) में मिलावट के खिलाफ देशव्यापी निरीक्षण शुरू किया। सभी नमूनों का डेटा 31 मार्च 2026 तक FoSCoS या FoSCoRIS प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य है।
FSSAI खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्य करता है। राजस्थान में डेयरी उत्पादों, मसालों और खाद्य तेलों में मिलावट एक बड़ी जन स्वास्थ्य समस्या है। राज्य का खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के दौरान नियमित छापेमारी करता है, और FSW वैन राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी हैं।
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एफएसएसएआई ने 2022 से 2025 के बीच कितने खाद्य नमूनों का परीक्षण किया?
व्याख्या · सही उत्तर Bएफएसएसएआई ने तीन वर्षों (2022-2025) में 5.18 लाख खाद्य नमूनों का परीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप 88,192 दंड लगाए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FSSAI क्या है, यह किस मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और इसे कौन सा कानून संचालित करता है?
FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) भारत में खाद्य सुरक्षा की शीर्ष नियामक संस्था है। यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत स्थापित है। FSSAI खाद्य उत्पादों के मानक तय करती है तथा उनके निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री को नियंत्रित करती है।
2022–25 के दौरान FSSAI के खाद्य सुरक्षा अभियानों में प्रवर्तन से जुड़े मुख्य परिणाम क्या रहे?
2022–25 के दौरान FSSAI ने पूरे भारत में 5.18 लाख खाद्य नमूनों की जाँच की। इनमें से काफी संख्या में नमूने अमानक या मिलावटी पाए गए, जिसके बाद 88,192 दंड लगाए गए और 1,161 खाद्य व्यवसाय संचालकों के लाइसेंस रद्द किए गए। यह FSSAI की सख्त प्रवर्तन नीति को दिखाता है।
'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' (FSW) वैन क्या हैं और ये कैसे काम करती हैं?
फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (FSW) वैन FSSAI द्वारा तैनात चलती-फिरती परीक्षण प्रयोगशालाएँ हैं, जो मौके पर ही खाद्य गुणवत्ता की त्वरित जाँच करती हैं। 2025 तक 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 ऐसी वैन काम कर रही हैं। इनमें सामान्य मिलावट की जाँच के लिए पोर्टेबल परीक्षण किट होती हैं और FSSAI की देखरेख में इन्हें राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग संचालित करते हैं।
होली विशेष अभियान 2026 क्या था और इसमें किन खाद्य उत्पादों की जाँच हुई?
मार्च 2026 में FSSAI ने त्योहारी सीजन से पहले होली विशेष अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य मिठाई, डेयरी उत्पादों (दूध, खोया, पनीर) और खाद्य तेलों में मिलावट की जाँच करना था। त्योहारों पर मांग बढ़ने से मिलावट की प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है, इसलिए FSSAI ऐसी अवधियों में स्थायी प्रयोगशालाओं और FSW वैन, दोनों से त्वरित जाँच करती है।
भारत में खाद्य मिलावट एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या क्यों है और सामान्य मिलावट क्या हैं?
खाद्य मिलावट एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है क्योंकि इससे तीव्र या दीर्घकालिक बीमारियाँ हो सकती हैं। भारत में आम मिलावट के उदाहरण हैं — मिठाई में कृत्रिम रंग, खोये में स्टार्च, दूध में यूरिया, खाद्य तेलों में आर्जिमोन ऑयल, और फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेष। FSSAI के 88,192 दंड इस चुनौती की व्यापकता और नियामक सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाते हैं।