मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए चौदह खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी, ताकि किसानों को लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित किया जा सके तथा भारत के वर्षा-आधारित क्षेत्रों में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिल सके। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने घोषणा की कि साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ग्रेड ए धान का मूल्य आगामी बुवाई सत्र के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राशि के लिहाज से सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज में की गई, जिसमें 622 रुपये बढ़ाकर मूल्य 8,343 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। इसके बाद कपास में 557 रुपये, रामतिल में 515 रुपये तथा तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई। यह न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित है तथा केंद्रीय बजट 2018-19 की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना तय करने का संकल्प लिया गया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार लागत के ऊपर लाभ धान पर लगभग 50 प्रतिशत, रागी पर लगभग 53 प्रतिशत, बाजरा पर 59 प्रतिशत तथा मक्का पर 77 प्रतिशत बैठता है। इस निर्णय से दक्षिण-पश्चिम मानसून से पूर्व लगभग 14 करोड़ किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है तथा यह खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन एवं आत्मनिर्भर भारत कृषि दृष्टि के अंतर्गत तिलहन एवं दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार के प्रयास को बल देता है। मंत्रिमंडल ने उसी दिन कोयला गैसीकरण के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी।
मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी। साधारण धान का मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, जबकि सूरजमुखी बीज में राशि के लिहाज से 622 रुपये की सबसे अधिक वृद्धि की गई
सीसीईए ने 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी। साधारण धान का मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, जबकि सूरजमुखी बीज में राशि के लिहाज से सर्वाधिक 622 रुपये की वृद्धि कर मूल्य 8,343 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।
मुख्य तथ्य
- सीसीईए ने प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों को मंजूरी दी।
- साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल किया गया तथा ग्रेड ए धान का मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया।
- सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज में 622 रुपये की हुई, जिससे उसका दाम 8,343 रुपये प्रति क्विंटल हो गया; कपास में 557 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य 2018-19 के बजट में घोषित उस सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना तय करने का संकल्प था।
- लागत पर लाभ धान में लगभग 50 प्रतिशत, रागी में 53 प्रतिशत, बाजरा में 59 प्रतिशत तथा मक्का में 77 प्रतिशत बैठता है।
- मंत्रिमंडल ने उसी दिन कोयला गैसीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी।
6-अक्ष वर्गीकरण
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मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य मंजूर किए। इनके संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। 2. सभी खरीफ फसलों में सूरजमुखी बीज को 622 रुपये प्रति क्विंटल की राशि के हिसाब से सबसे अधिक वृद्धि मिली। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। सीसीईए ने 13 मई 2026 को साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल किया, और सूरजमुखी बीज में सबसे ज़्यादा 622 रुपये की बढ़ोतरी करके उसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,343 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विपणन सत्र 2026-27 के लिए साधारण धान का नया न्यूनतम समर्थन मूल्य कितना मंजूर किया गया है?
मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सत्र की तुलना में 72 रुपये अधिक है। वहीं, ग्रेड ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2026-27 के लिए किस खरीफ फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में रुपये के हिसाब से सबसे अधिक वृद्धि हुई है?
सूरजमुखी बीज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में रुपये के हिसाब से सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है, जिससे उसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,343 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसके बाद कपास में 557 रुपये, रामतिल में 515 रुपये तथा तिल में 500 रुपये की वृद्धि हुई है।
खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य किस सिद्धांत के आधार पर तय किया जाता है?
केंद्रीय बजट 2018-19 की प्रतिबद्धता के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा परिकलित अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुने स्तर पर तय किया जाता है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के साथ-साथ मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को और कौन सा प्रमुख निर्णय लिया?
मंत्रिमंडल ने कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को भी मंजूरी दी, जिससे देश में स्वदेशी सिनगैस आधारित औद्योगिक फीडस्टॉक और ऊर्जा सुरक्षा को बल मिलेगा।
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