राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 (NCP-2025) के तहत राष्ट्रीय स्तरीय नीति कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (NLIMC) की पहली बैठक 9 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूतानी ने की, जो इस समिति के अध्यक्ष भी हैं।

NCP-2025 की संरचना 6 रणनीतिक स्तंभों, 16 उद्देश्यों और 83 सिफारिशों पर आधारित है। छह रणनीतिक स्तंभ इस प्रकार हैं: (1) सहकारी आधार को सुदृढ़ करना; (2) सहकारी समितियों को जीवंत एवं प्रतिस्पर्धी बनाना; (3) सहकारी समितियों को भविष्य के लिए तैयार करना; (4) समावेशिता एवं पहुँच का विस्तार करना; (5) नए एवं उभरते क्षेत्रों में सहकारी समितियों की भूमिका बढ़ाना; और (6) युवाओं को सहकारी विकास से जोड़ना।

बैठक में प्रमुख पहलों की समीक्षा की गई, जिनमें प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्रों में रूपांतरित करना, प्रत्येक जिले में आदर्श सहकारी गाँव विकसित करना, ERP आधारित प्रबंधन प्रणाली का क्रियान्वयन, तथा डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का विस्तार शामिल हैं।

बैठक में पंचायती राज, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। NLIMC एक उच्चस्तरीय निकाय है जो NCP-2025 के कार्यान्वयन की निगरानी करती है और भारत में सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु मंत्रालयों के बीच समन्वय सुनिश्चित करती है।