मुख्य तथ्य

  • कृषि विकास केवल फसल उत्पादन नहीं है; इसमें उत्पादकता, मूल्य समर्थन, आय अंतरण, जोखिम कवर, बाजार, भंडारण और विस्तार सेवा साथ चलते हैं।
  • हरित क्रांति ने उच्च उपज बीज, सिंचाई और उर्वरक से खाद्यान्न बढ़ाया, पर इसका क्षेत्रीय केंद्र पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहा।
  • पीएम-किसान आय सहायता है, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जोखिम बीमा है; दोनों की राशि, लाभार्थी और उद्देश्य अलग हैं।
  • स्वामीनाथन आयोग ने एमएसपी को भारित औसत उत्पादन लागत से कम-से-कम 50 प्रतिशत ऊपर रखने की सिफारिश की थी।
  • राजस्थान के ठोस संकेतों में सूरतगढ़ का मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सरसों-बाजरा-चना खरीद, शुष्क क्षेत्र के केवीके और डेयरी सहकारी शामिल हैं।

मुख्य बिंदु

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    कृषि विकास केवल फसल उत्पादन नहीं है; इसमें उत्पादकता, मूल्य समर्थन, आय अंतरण, जोखिम कवर, बाजार, भंडारण और विस्तार सेवा साथ चलते हैं।

  2. 2

    हरित क्रांति ने उच्च उपज बीज, सिंचाई और उर्वरक से खाद्यान्न बढ़ाया, पर इसका क्षेत्रीय केंद्र पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहा।

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    पीएम-किसान आय सहायता है, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जोखिम बीमा है; दोनों की राशि, लाभार्थी और उद्देश्य अलग हैं।

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    स्वामीनाथन आयोग ने एमएसपी को भारित औसत उत्पादन लागत से कम-से-कम 50 प्रतिशत ऊपर रखने की सिफारिश की थी। मौजूदा एमएसपी गणना में लाभ ए2+एफएल लागत पर जोड़ा जाता है, जबकि सी2 को संदर्भ लागत माना जाता है।

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    राजस्थान के ठोस संकेतों में सूरतगढ़ का मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सरसों-बाजरा-चना खरीद, शुष्क क्षेत्र के केवीके और डेयरी सहकारी शामिल हैं।

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    कटाई के बाद मूल्य ई-नाम, कृषि अवसंरचना कोष, एफपीओ और भंडारण या शीत-श्रृंखला परिसंपत्तियों पर निर्भर करता है।

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    प्राकृतिक खेती, मिट्टी परीक्षण, नमामि गंगे और भूजल नीति कृषि अर्थशास्त्र को पर्यावरण से जोड़ते हैं।

  8. 8

    पिछले प्रश्नों में अक्सर राशि, शुरुआत का वर्ष, प्रीमियम का हिस्सा और योजना के घटकों के नाम पूछे गए हैं।

PYQ दोहराव

पिछले 10 साल: 9 बार पूछा गयाकुल जुड़े PYQ: 10

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भारत में कृषि विकास को नीति-श्रृंखला के रूप में कैसे समझें?

भारत में कृषि विकास को उत्पादकता, आय, कीमत, जोखिम और बाजार संस्थाओं की जुड़ी हुई नीति-श्रृंखला के रूप में समझना चाहिए, क्योंकि किसान की वास्तविक कमाई इन सभी कड़ियों के साथ चलने पर ही टिकती है।

भारत में कृषि विकास उत्पादकता, आय, मूल्य, जोखिम और बाजार संस्थाओं की जुड़ी हुई श्रृंखला है।

सामाजिक और राज्यीय संदर्भ

  • कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ अब भी 46.1 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देती हैं, इसलिए राष्ट्रीय आय में कृषि की हिस्सेदारी से कहीं अधिक लोगों की आजीविका कृषि नीति से प्रभावित होती है।
  • पीआईबी पर प्रकाशित कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ भारत के लगभग 46.1 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देती हैं।
  • फसल अर्थव्यवस्था में राज्यीय भिन्नता भी गहरी है: राजस्थान के 10 कृषि-जलवायु क्षेत्र बाजरा, सरसों, चना, जीरा, ग्वार और पशुपालन आय को राज्य नीति के केंद्र में रखते हैं।

पीएम-किसान: आय-आधार

| योजना | आरंभ | लाभ | पात्र समूह | नीति भूमिका |

|---|---|---|---|

| प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) | 24 फरवरी 2019 | प्रति वर्ष 6000 रुपये तीन 2000 रुपये किस्तों में | पात्र भूमिधारी किसान परिवार | मूल्य खरीद, बीमा या इनपुट सब्सिडी से अलग आय-आधार बनाती है |

  • जयपुर या नागौर के किसान के लिए यह अंतरण फसल चयन तय नहीं करता, पर बीज, उर्वरक, डीजल और मजदूरी भुगतान से पहले नकदी दबाव घटाता है।

कृषि विकास की दो परतें

परतकामसाधन
पहली परतउत्पादन बढ़ाती हैबीज, सिंचाई, मिट्टी पोषण और विस्तार
दूसरी परतशुद्ध आय बचाती हैएमएसपी, बीमा, भंडारण, बाजार पहुंच और अंतरण
  • कोई भी परत कमजोर हो तो कृषि संकट रह सकता है।
  • इसी कारण इस विषय में हरित क्रांति, एमएसपी, पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-नाम, एफपीओ और प्राकृतिक खेती को अलग-अलग योजनाओं की तरह नहीं, आपस में जोड़कर पढ़ना चाहिए।

तुरंत नकद राहत और लंबे समय की कृषि वृद्धि

  • इस नीति-श्रृंखला में तुरंत मिलने वाली नकद राहत और लंबे समय की कृषि वृद्धि अलग भूमिकाएँ निभाती हैं।
  • आय सहायता किसान को मजबूरी में कर्ज लेने से बचा सकती है, लेकिन पैदावार बढ़ाने के लिए मिट्टी की जाँच, उपयुक्त बीज, पानी पर नियंत्रण, कृषि विशेषज्ञों की खेत तक पहुँच और भरोसेमंद बाजार भी चाहिए।
  • राजस्थान के छोटे किसान के लिए नकद भुगतान, खरीद केंद्र और भंडारण की सुविधा अलग-अलग रुकावटें दूर करते हैं।
  • उत्तर में आय सहायता को उत्पादकता का और सरकारी खरीद को बाजार सुधार का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

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संभावित प्रश्न

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1MCQकौन-सी योजना पात्र भूमिधारी किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6000 रुपये तीन 2000 रुपये किस्तों में देती है?1 अंक · 50 शब्द
  1. Aप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  2. Bप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधिसही
  3. Cपीएम-आशा के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना
  4. Dकृषि अवसंरचना कोष

व्याख्या

ख सही है क्योंकि पीएम-किसान 6000 रुपये वार्षिक लाभ वाली प्रत्यक्ष आय अंतरण योजना है। क फसल बीमा जोखिम कवर करती है, ग खरीद-आधारित मूल्य समर्थन घटक है और घ कटाई-उपरांत अवसंरचना को ऋण देता है।

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