प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त 20 जून, 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के ताड़केश्वर में जारी की गई। इस किस्त के अंतर्गत 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय मदद के तौर पर ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई, जिनमें 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल हैं। 1 करोड़ से अधिक किसानों ने इस कार्यक्रम में ऑनलाइन हिस्सा लिया और इस दिन को "पीएम किसान उत्सव दिवस" के तौर पर मनाया गया। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से भेजी गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और बिचौलिए खत्म हुए। पीएम-किसान एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 24 फरवरी, 2019 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कृषि योग्य भूमि वाले भूमिधारक किसान परिवारों को सुनिश्चित आय सहायता देना है। प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹6,000 की राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में आधार से जुड़े बैंक खातों में दी जाती है। 2019 में शुरुआत के बाद से अब तक 23 किस्तों में ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे पीएम-किसान विश्व की सबसे बड़ी डीबीटी पहलों में से एक बन गई है। केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹60,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। दिसंबर 2025 तक अपात्र लाभार्थियों से कुल ₹416.75 करोड़ की वसूली की जा चुकी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 2022 के एक अध्ययन के अनुसार लाभार्थी खेतों में धान की उपज 3.08%, गेहूं की उपज 1.93% और शुद्ध कृषि आय 9.85% अधिक रही।