केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 जून 2026 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू किया जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यधिक रासायनिक उर्वरक उपयोग को कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बहाल करने के आह्वान का उत्तर है। महीने भर चलने वाला यह अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा और मंत्री स्वयं राज्यों का दौरा कर खेतों का निरीक्षण करेंगे और किसानों के साथ सीधे संवाद करेंगे ताकि संतुलित उर्वरक उपयोग मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन प्राकृतिक खेती जैविक आदान और नैनो यूरिया नैनो DAP तथा जैव उर्वरक जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा सके। अभियान मिट्टी परीक्षण आधारित NPK के विवेकपूर्ण अनुप्रयोग हरी खाद जैविक खाद और जैव उत्पादों के एकीकृत उपयोग और जलवायु अनुकूल फसल प्रथाओं को अपनाने पर जोर देता है। खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की आवश्यकता 390.54 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है जबकि वर्तमान उपलब्धता 200.47 LMT या आवश्यकता का लगभग 51 प्रतिशत है पश्चिम एशिया संकट समीक्षा के बाद आयात और घरेलू उत्पादन के माध्यम से लगभग 122.4 LMT अतिरिक्त की व्यवस्था की गई है। भारत लगभग 70 प्रतिशत यूरिया और 100 प्रतिशत पोटाश का आयात करता है जो मुख्यतः सऊदी अरब ओमान UAE जॉर्डन और ईरान से आता है जिससे देश वैश्विक मूल्य अस्थिरता और शिपिंग जोखिमों के संपर्क में आता है। संबंधित पहलों में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन रासायनिक उर्वरक उपयोग कम करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम प्रणाम योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड शामिल हैं। यह अभियान 28 मई 2026 को पूसा में खरीफ के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में निर्धारित 2026 खरीफ के 36 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य के अनुरूप है।