केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली के पूसा स्थित एनएएससी परिसर में खरीफ अभियान 2026 के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन शुरू किया। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। सम्मेलन का उद्देश्य जून से शुरू होने वाले आगामी खरीफ बुवाई मौसम के लिए फसल रणनीति और नीतिगत पहलों को अंतिम रूप देना था। इसमें राज्य कृषि मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र और सभी राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्र ने कृषि वर्ष 2026 से 2027 के लिए लगभग 36 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि पिछले वर्ष का अनुमानित उत्पादन 35.8 करोड़ टन था। चावल, मोटे अनाज, दलहन और तिलहन के लिए अलग-अलग केंद्रित लक्ष्य रखे गए हैं। चर्चा पांच मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित रही: सूखा-सहिष्णु कम अवधि वाली किस्मों से जलवायु-अनुकूल खेती, प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन के तहत प्राकृतिक खेती, खाद्य तेल तिलहन पर राष्ट्रीय मिशन के तहत आयात निर्भरता कम करने के लिए दलहन और तिलहन उत्पादन में वृद्धि, एग्री स्टैक, कृषि DSS और डिजिटल फसल सर्वेक्षण का उपयोग करते हुए डिजिटल कृषि, और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड से कृषि वित्त और जोखिम प्रबंधन। केंद्रीय बजट 2026 से 2027 में घोषित दलहन और खाद्य तेल आत्मनिर्भरता लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए अरहर, उड़द और मूंग, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जल्दी आगमन की घोषणा के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून की तैयारी, उर्वरक उपलब्धता और बीज योजना की भी समीक्षा की, तथा राज्यों से किसानों के लिए समय पर ऋण, विस्तार सेवाएं और बाजार संपर्क सुनिश्चित करने का आह्वान किया।