नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 18 जुलाई 2026 को तय किया कि सौर पीवी सेल के लिए अनुमोदित मॉडल एवं निर्माता सूची-II को लागू करने की भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। मंत्रालय ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर सूची-II की लागू सीमा को व्यापक रूप से बढ़ाने से भी इनकार किया है। राहत केवल नेट-मीटरिंग परियोजनाओं और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं तक सीमित है। ये परियोजनाएँ सौर पीवी सेल के लिए एएलएमएम सूची-II से छूट के साथ 31 दिसंबर 2026 तक चालू हो सकती हैं। इस सीमित वर्ग को पहले यह छूट केवल 31 मई 2026 तक मिली हुई थी। मंत्रालय के अनुसार, बढ़ी हुई अवधि से स्वतंत्र सौर पीवी मॉड्यूल निर्माताओं को भी मदद मिलेगी। इससे अतिरिक्त मांग पैदा होगी, भंडार में लगे उनके निवेश की सुरक्षा होगी और एएलएमएम सूची-II में शामिल सौर सेल निर्माताओं से खरीद बढ़ाने से पहले पर्याप्त समय मिलेगा। मंत्रालय ने बताया कि सूची-II के अंतर्गत सौर सेल क्षमता लगातार बढ़ रही है। यह फैसला सौर उद्योग के विभिन्न हितधारकों से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया। इसका उद्देश्य नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को एएलएमएम सूची-II की व्यवस्था में सुचारू रूप से लाना है। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उत्पादन सरकार की प्राथमिकताओं में बना हुआ है। सरकार ने भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मूल्य शृंखला में प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इससे जुड़ा 18 जुलाई 2026 का मंत्रालय का कार्यालय ज्ञापन संख्या 283/53/2026-ग्रिड सोलर मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
केंद्र ने चुनिंदा सौर परियोजनाओं के लिए एएलएमएम सूची-II की सीमित राहत दिसंबर 2026 तक बढ़ाई
केंद्र ने एएलएमएम सूची-II की नीति में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की सीमित छूट 31 मई से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी। इसका उद्देश्य बदलाव को सुचारू बनाना और सूचीबद्ध सौर सेल क्षमता बढ़ने के दौरान स्वतंत्र सौर मॉड्यूल निर्माताओं को सहारा देना है।
मुख्य तथ्य
- सौर पीवी सेल के लिए एएलएमएम सूची-II से जुड़ी सरकारी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर एएलएमएम सूची-II की लागू सीमा को व्यापक रूप से नहीं बढ़ाया गया है।
- नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सीमित छूट 31 दिसंबर 2026 तक मिलेगी।
- इस सीमित छूट की पिछली अंतिम तारीख 31 मई 2026 थी।
- बढ़ी हुई अवधि का उद्देश्य भंडार में लगे निवेश की सुरक्षा, अतिरिक्त मांग और सूचीबद्ध सौर सेल क्षमता बढ़ने के दौरान सुचारू बदलाव के लिए समय देना है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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एएलएमएम सूची-II पर मंत्रालय के फैसले के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह एएलएमएम सूची-II की लागू सीमा को सभी सौर ऊर्जा परियोजनाओं तक व्यापक रूप से बढ़ाता है। 2. योग्य परियोजनाओं के लिए सीमित छूट केवल 31 मई 2026 तक जारी रहेगी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है?
दोनों कथन गलत हैं। मंत्रालय ने एएलएमएम सूची-II की लागू सीमा को व्यापक रूप से बढ़ाने से इनकार किया है। साथ ही, नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की सीमित छूट 31 मई 2026 की पिछली अंतिम तारीख से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सरकार ने एएलएमएम सूची-II की नीति बदल दी है?
नहीं। मंत्रालय ने कहा है कि नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ और इसे लागू करने की सीमा व्यापक रूप से नहीं बढ़ाई गई है।
सीमित छूट किन परियोजनाओं को मिलेगी?
यह छूट नेट-मीटरिंग परियोजनाओं और ओपन एक्सेस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर लागू होगी।
छूट की नई अंतिम तारीख क्या है?
योग्य परियोजनाएँ 31 दिसंबर 2026 तक छूट के साथ चालू हो सकती हैं। पिछली अंतिम तारीख 31 मई 2026 थी।
बढ़ी हुई अवधि से स्वतंत्र सौर मॉड्यूल निर्माताओं को कैसे मदद मिलेगी?
इससे अतिरिक्त मांग पैदा होगी, भंडार में लगे निवेश की सुरक्षा होगी और सूचीबद्ध सौर सेल निर्माताओं से खरीद बढ़ाने से पहले अधिक समय मिलेगा।
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