प्रकाशित: 21 अक्टूबर 2025टॉपिक
परीक्षणों में MAM01 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ने मलेरिया से 100% सुरक्षा दी
यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन में बताया गया कि MAM01 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ने नैदानिक परीक्षणों में उच्चतम खुराक पर मलेरिया से 100% सुरक्षा दी। एक ही खुराक के रूप में दी जाने वाली यह एंटीबॉडी मलेरिया परजीवी (प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम) को रक्तप्रवाह में पहुँचने से पहले निष्क्रिय कर देती है और कई महीनों तक सुरक्षा देती है।
पारंपरिक मलेरिया-रोधी दवाओं और RTS,S/AS01 (मॉस्किरिक्स) जैसे टीकों के मुकाबले यह बड़ी प्रगति है, क्योंकि इन टीकों की प्रभावकारिता केवल 30-40% है। वैश्विक मलेरिया मामलों और मलेरिया से होने वाली मौतों, दोनों में भारत की हिस्सेदारी लगभग 2% है। राजस्थान में थार रेगिस्तान के सीमावर्ती जिलों—बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर—को मलेरिया से लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है। लंबे समय तक बचाव देने वाला यह तरीका इन जिलों में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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MAM01 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी, जिसने नैदानिक परीक्षणों में 100% सुरक्षा प्राप्त की, किस बीमारी को लक्षित करती है?
व्याख्या · सही उत्तर CMAM01 एक मानव मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जिसका अध्ययन मलेरिया से सुरक्षा के लिए किया गया। नियंत्रित मानव मलेरिया संक्रमण वाले शुरुआती परीक्षण में इसकी सबसे ऊंची खुराक ने मलेरिया से पहले संक्रमित न हुए वयस्कों में पूर्ण सुरक्षा दिखाई। इसलिए इसका लक्ष्य मलेरिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MAM01 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी क्या है और यह मलेरिया से कितनी सुरक्षा देती है?
**MAM01** एक **मोनोक्लोनल एंटीबॉडी** है, जिसने नैदानिक परीक्षणों में मलेरिया से **100% सुरक्षा** दी। यह संक्रमण के एक खास चरण में परजीवी को निशाना बनाकर संक्रमण रोकती है, इसलिए यह मलेरिया की रोकथाम में बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
MAM01 मौजूदा मलेरिया टीकों से कैसे अलग है?
**RTS,S/AS01 (मॉस्किरिक्स)** जैसे मौजूदा टीकों की प्रभावकारिता केवल **30-40%** है, जबकि **MAM01** ने परीक्षणों में **100% सुरक्षा** दी। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी तेज़ी से काम करती हैं और सीधे परजीवी को निशाना बनाती हैं। इनसे एक ही खुराक में लंबे समय तक सुरक्षा मिलने की भी संभावना है।
MAM01 जैसी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी मलेरिया के खिलाफ कैसे काम करती है?
**MAM01** मलेरिया परजीवी **प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम** के एक खास प्रोटीन—संभवतः सर्कमस्पोरोज़ोइट प्रोटीन या उससे मिलते-जुलते किसी प्रोटीन—को निशाना बनाती है। यह परजीवी को लिवर की कोशिकाओं को संक्रमित करने से पहले निष्क्रिय कर देती है। इसे निष्क्रिय प्रतिरक्षा कहा जाता है, क्योंकि इसके लिए शरीर को अपनी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित नहीं करनी पड़ती।
मलेरिया से 100% सुरक्षा मिलने का वैश्विक स्वास्थ्य के लिए क्या महत्व है?
MAM01 के परीक्षणों में मलेरिया से मिली **100% सुरक्षा** वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बड़ी संभावना दिखाती है। मलेरिया से हर साल **6 लाख से ज़्यादा लोगों** की मौत होती है, जिनमें अधिकतर अफ्रीका के बच्चे होते हैं। रोकथाम का लगभग 100% प्रभावी तरीका मलेरिया से होने वाली मौतों को बहुत कम कर सकता है।
MAM01 मलेरिया एंटीबॉडी का परीक्षण किस चरण में पहुँचा है?
फेज 1/2 के नैदानिक परीक्षणों में **MAM01** ने **100% सुरक्षा** दी और इसके सुरक्षित तथा प्रभावी होने के नतीजे भी बहुत अच्छे रहे। मलेरिया से लगातार प्रभावित देशों में नियामक मंज़ूरी और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पहले फेज 3 के बड़े परीक्षण ज़रूरी हैं।