आयुष निर्यात संवर्धन परिषद, जिसे आयुषएक्ससिल के नाम से जाना जाता है, और भारतीय मसाला बोर्ड ने 25 मई 2026 को आयुष उत्पादों और औषधीय मसालों के वैश्विक प्रचार को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए। इस पर आयुषएक्ससिल के अध्यक्ष डॉ अनुराग शर्मा और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन भारतीय मसाला बोर्ड के सचिव श्री एम एस मणिवन्नन ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग भारत की दो पारंपरिक शक्तियों, आयुर्वेद और मसाला व्यापार, को साथ लाने का प्रयास है। इसके तहत कार्यात्मक खाद्य पदार्थों, न्यूट्रास्यूटिकल्स, हर्बल अर्क तथा मूल्य संवर्धित आयुर्वेदिक एवं मसाला आधारित उत्पादों के लिए निर्यात संवर्धन, गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण, अनुसंधान एवं नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार विकास पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। दोनों संगठन ब्रांडिंग पहलों, ट्रेसेबिलिटी ढांचों, वैज्ञानिक सत्यापन, क्षमता निर्माण, कोडेक्स एलिमेंटेरियस संलग्नता तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों एवं प्रचार गतिविधियों में संयुक्त भागीदारी पर साझेदारी करेंगे। प्रस्तावित स्पाइस एंड हील पहल को एक शक्तिशाली ब्रांडिंग अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत को समग्र स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार समाधानों में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करेगा। यह इस मान्यता पर आधारित है कि हल्दी, अदरक, इलायची, काली मिर्च, मेथी और अन्य भारतीय मसालों का आयुष प्रणालियों में मान्यता प्राप्त चिकित्सीय उपयोग है। आयुष क्षेत्र का बाजार 2024 में 24 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया तथा भारतीय मसाला निर्यात उद्योग ने 2024-25 में 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य का निर्यात दर्ज किया। समझौता ज्ञापन से निर्यात वृद्धि, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, किसान सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय आयुष मिशन और हील इन इंडिया पहल के तहत आयुष निर्यात को दोगुना करने के लक्ष्य में मदद मिलेगी।