केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने घोषणा की कि उद्योग जगत भारत-UK व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के लाभों का अधिकतम उपयोग कर सके, इसके लिए समूचे देश में 1,000 सलाहकार कर्मियों की तैनाती की जाएगी तथा व्यापार पोर्टल का उन्नयन किया जाएगा। यह घोषणा लंदन में आयोजित 10वें वार्षिक UK-भारत सप्ताह के दौरान की गई, जहाँ श्री गोयल ने कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले भारत-UK CETA से उत्पन्न नए अवसरों को रेखांकित किया। भारत के अब तक के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते के रूप में इस CETA से दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 GBP की वृद्धि होने का अनुमान है। इंडिया ग्लोबल फोरम (IGF) कैपिटल फ्रंटियर्स फोरम को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत-UK साझेदारी अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर प्रौद्योगिकी, संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है। भारतीय उच्चायोग और फिक्की द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में उन्होंने UK का दौरा करने वाले अब तक के सबसे बड़े और सर्वाधिक व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व वाले भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, जिसमें टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के उद्यम और पहली बार निर्यात करने वाले कई उद्यमी शामिल रहे। श्री गोयल ने बताया कि समझौते के तहत UK में कार्यरत पात्र भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा अंशदान से पाँच वर्ष तक की छूट मिलेगी, जिससे वे यह बचत भारत में ब्याज अर्जित करने वाले कर-मुक्त भविष्य निधि खातों में निवेश कर सकेंगे। उन्होंने उप-राष्ट्रीय आर्थिक साझेदारियों को मजबूत बनाने पर बल देते हुए बर्मिंघम-गुजरात तथा मैनचेस्टर-महाराष्ट्र संबंधों को भविष्य के द्विपक्षीय आर्थिक विकास का प्रमुख प्रेरक बताया।