केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर कफ सिरप को अनुसूची-K (Schedule K) से हटा दिया है, जिसमें ऐसी दवाएं आती हैं जो बिना पर्चे के काउंटर पर बेची जा सकती हैं। मंगलवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, अब कफ सिरप का वितरण, संवितरण और विक्रय केवल उन्हीं लाइसेंसी फार्मेसियों के माध्यम से होगा जो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का पालन करती हैं। पहले इस प्रावधान के तहत एक हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों में बिना खुदरा औषधि लाइसेंस के कफ सिरप बेचने की अनुमति थी। मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन सिरप फॉर्मूलेशन पर नियामक निगरानी को मजबूत करने तथा छूट के ढांचे को मौजूदा जन-स्वास्थ्य और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए किया गया है। निर्माताओं, वितरकों और ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं से तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा है। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार बिना लाइसेंस वाली ग्रामीण दुकानों में बैच ट्रैकिंग या रिकॉल की प्रशासनिक निगरानी नहीं थी, जिससे नकली, एक्सपायर या घटिया सिरप बिकने की आशंका बनी रहती थी। मिंट ने 19 नवंबर 2025 को बताया था कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित सिरप पीने से कम से कम 22 बच्चों की मृत्यु के बाद केंद्र सख्त नियंत्रण पर विचार कर रहा था। विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया, पर कहा कि इसका वास्तविक असर कड़े प्रवर्तन और जन-जागरूकता पर निर्भर करेगा।
सरकार ने कफ सिरप के लिए ओटीसी छूट समाप्त की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर कफ सिरप को अनुसूची-K से हटाया; अब इन्हें केवल लाइसेंसी फार्मेसियों से वैध पर्चे के साथ ही बेचा जा सकेगा।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर कफ सिरप को अनुसूची-K से हटाया।
- अनुसूची-K में ऐसी दवाएं आती थीं जो बिना पर्चे के काउंटर पर बेची जा सकती थीं।
- पहले एक हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों में बिना खुदरा औषधि लाइसेंस के कफ सिरप बेचने की अनुमति थी।
- अब कफ सिरप केवल औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का पालन करने वाली लाइसेंसी फार्मेसियों से ही बेचे जा सकेंगे।
- यह बदलाव मंगलवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से किया गया।
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित सिरप से कम से कम 22 बच्चों की मृत्यु के बाद केंद्र सख्त नियंत्रण पर विचार कर रहा था।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कफ सिरप की काउंटर बिक्री समाप्त करते हुए इन्हें औषधि नियम, 1945 की किस अनुसूची से हटाया है?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन कर कफ सिरप को अनुसूची-K से हटाया, जिसमें ऐसी दवाएं आती हैं जो बिना पर्चे के काउंटर पर बेची जा सकती थीं।
स्रोत: Livemint
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कफ सिरप को औषधि नियम, 1945 की किस अनुसूची से हटाया गया?
कफ सिरप को अनुसूची-K से हटाया गया, जिसमें बिना पर्चे के काउंटर पर बेची जाने वाली दवाएं आती हैं।
पहले छूट के तहत कफ सिरप कैसे बेचे जा सकते थे?
इस प्रावधान के तहत एक हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों में बिना खुदरा औषधि लाइसेंस के कफ सिरप बेचे जा सकते थे।
अब कफ सिरप कैसे बेचे जा सकेंगे?
अब इन्हें केवल औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 का पालन करने वाली लाइसेंसी फार्मेसियों से ही वितरित और बेचा जा सकेगा।
सख्त नियंत्रण से कौन-सी घटना जुड़ी है?
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित सिरप पीने से कम से कम 22 बच्चों की मृत्यु के बाद केंद्र ने सख्त नियंत्रण पर विचार किया।
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