केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर पहली बार 28 और 29 जून को नई दिल्ली के पूसा स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। उनकी अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के विजन को जमीन पर उतारना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप इसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ भाग लेंगे तथा गांवों के समग्र विकास के लिए केंद्र-राज्य की साझा रणनीति तैयार करेंगे। सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। विकसित भारत- जी राम जी (VB-GRAM-G) अधिनियम-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर योजना-निर्माण और संसाधनों के कुशल उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। थीमैटिक और ब्रेकआउट सत्रों में ग्रामीण आवास, सड़क कनेक्टिविटी, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा होगी तथा राज्य अपनी सफल पहल साझा करेंगे। ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, तथा पारदर्शिता और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी चर्चा होगी। 29 जून को प्लेनरी और मंत्रिस्तरीय सत्रों में भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा और श्री चौहान 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में गांवों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करेंगे। सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया जाएगा।