कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी के नेतृत्व में 10 जून 2026 को 'कौशल, पैमाना और परिवर्तन' के बारह वर्ष पूर्ण किए तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप विश्व के सबसे बड़े कौशल पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक के निर्माण में अपनी भूमिका को रेखांकित किया। पिछले बारह वर्षों में मंत्रालय ने व्यावसायिक शिक्षा, उद्योग-आधारित प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता, उद्यमिता विकास, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय कार्यबल गतिशीलता को एक एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे में समाहित किया है। देश की व्यावसायिक प्रशिक्षण अवसंरचना में उल्लेखनीय विस्तार हुआ और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की संख्या 2014 के 9,776 से बढ़कर आज 13,888 से अधिक हो गई। गांधीनगर, मुंबई और कानपुर में तीन भारतीय कौशल संस्थान स्थापित किए गए। वर्ष 2016 से अब तक 56.08 लाख से अधिक प्रशिक्षु जुड़ चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अंतर्गत 1.64 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। एनआईईएसबीयूडी और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई) ने उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत 25 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया है। डिजिटल मोर्चे पर स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) पर 1.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जहां 23 भाषाओं में 1,000 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। भारत ने वर्ल्डस्किल्स में अपनी रैंकिंग 2015 के 29वें स्थान से सुधारकर 2024 में 13वें स्थान पर पहुंचाई, तथा वैश्विक कार्यबल गतिशीलता के लिए 30 स्किल इंडिया अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की घोषणा की गई है।