सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना यानी पीएम-अजय के तहत अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर काम कर रहा है। योजना का लक्ष्य गरीबी घटाना, टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करना, अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी ढांचा सुधारना और तकनीक आधारित, परिणाम पर केंद्रित व्यवस्था से समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इसके आदर्श ग्राम घटक में 47,316 गांव शामिल किए गए हैं और देशभर में 47,59,399 नागरिक लाभान्वित हुए हैं। अब तक 46,782 विकास कार्य पूरे हुए, 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार हुईं और 16,759 गांव आदर्श ग्राम घोषित किए गए। पीएम-अजय के तीन मुख्य घटक हैं। आदर्श ग्राम घटक बुनियादी ढांचे और समुदाय की अगुवाई में बनने वाली योजनाओं से अनुसूचित जाति बहुल गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है। सहायता-अनुदान घटक आजीविका, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में मदद देता है। छात्रावास घटक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच बेहतर करने के लिए छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत को आर्थिक सहायता देता है। वित्त वर्ष 2026-27 में मंत्रालय ने 750 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था वाली 3 छात्रावास परियोजनाओं के निर्माण के लिए ₹22.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी है। इनमें 2 बालिका छात्रावास शामिल हैं। पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप से योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इनसे ग्राम विकास योजना बनाने, परियोजनाओं का आकलन करने, धन और लाभार्थियों पर नज़र रखने तथा स्थान की पहचान के साथ रिपोर्ट तैयार करने की सुविधा मिलती है। परियोजनाएं समय पर पूरी करने के लिए मंत्रालय राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ काम करता है। इस तरह योजना गांवों के बुनियादी ढांचे, आजीविका, शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी और डिजिटल निगरानी को एक साथ जोड़ती है।
पीएम-अजय के आदर्श ग्राम घटक से 47,316 गांवों के 47.59 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित
पीएम-अजय के आदर्श ग्राम घटक में 47,316 गांव शामिल हुए और 47,59,399 नागरिक लाभान्वित हुए, जबकि 16,759 गांव आदर्श ग्राम घोषित किए गए। यह योजना अनुसूचित जाति समुदायों के लिए ग्राम विकास, आजीविका, छात्रावास और पूरी तरह ऑनलाइन निगरानी को जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
- आदर्श ग्राम घटक में 47,316 गांव शामिल किए गए हैं और देशभर में 47,59,399 नागरिक लाभान्वित हुए हैं।
- अब तक 46,782 विकास कार्य पूरे हुए हैं और 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।
- कुल 16,759 गांव आदर्श ग्राम घोषित किए गए हैं।
- पीएम-अजय के 3 मुख्य घटक हैं—आदर्श ग्राम, सहायता-अनुदान और छात्रावास।
- वित्त वर्ष 2026-27 में 750 विद्यार्थियों के लिए 3 छात्रावास परियोजनाओं को ₹22.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी गई।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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पीएम-अजय के घटकों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सहायता-अनुदान घटक आजीविका, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में मदद देता है। 2. छात्रावास घटक केवल नए छात्रावासों के निर्माण में सहायता देता है, मरम्मत में नहीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है: सहायता-अनुदान घटक आजीविका, कौशल और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में मदद देता है। कथन 2 गलत है: छात्रावास घटक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत, दोनों के लिए आर्थिक सहायता देता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आदर्श ग्राम घटक में कितने गांव और लाभार्थी शामिल हैं?
इस घटक में 47,316 गांव शामिल किए गए हैं और देशभर में 47,59,399 नागरिक लाभान्वित हुए हैं।
विकास कार्यों और ग्राम योजनाओं में कितनी प्रगति हुई है?
अब तक 46,782 विकास कार्य पूरे हुए हैं और 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।
पीएम-अजय के 3 मुख्य घटक कौन-से हैं?
इसके मुख्य घटक आदर्श ग्राम, सहायता-अनुदान और छात्रावास हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में छात्रावासों के लिए कितनी सहायता दी गई?
750 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था वाली 3 परियोजनाओं के लिए ₹22.50 करोड़ दिए गए; इनमें 2 बालिका छात्रावास शामिल हैं।
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