प्रकाशित: 11 जुलाई 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
EPFO ने औपचारिक छूट अधिसूचना के बिना चल रहे भविष्य निधि न्यासों के लिए Amnesty Scheme, 2026 अधिसूचित की
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने Amnesty Scheme, 2026 शुरू की है। यह उन प्रतिष्ठानों को एक बार का मौका देती है जो Income Tax Act, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास (PF Trust) चला रहे हैं, ताकि वे अपनी स्थिति नियमित करा सकें। PIB दिल्ली ने 12 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी दी। योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक खुली रहेगी। इसका पूरा ब्योरा Gazette notification GSR 525(E), दिनांक 29.06.2026 से जारी Employees' Provident Fund Scheme, 2026 के Annexure के Part C में दिया गया है।
यह कदम Finance Act, 2026 के बाद आया है, जिसने मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों पर लागू आयकर ढाँचे को EPF & MP Act, 1952 के वैधानिक और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप कर दिया। अब Income Tax Act, 2025 के तहत मान्यता केवल उन्हीं भविष्य निधियों को मिलेगी जिन्हें EPF & MP Act, 1952 की धारा 17 के तहत छूट मिली हो। ऐसे प्रतिष्ठानों को धारा 17 तथा Code on Social Security, 2020 की धारा 143 के तहत भूतलक्षी प्रभाव से माफी दी जाएगी।
योजना उन्हीं प्रतिष्ठानों पर लागू है जो आयकर से मान्यता प्राप्त PF Trust तो चला रहे हैं, पर जिनके पास समुचित सरकार — केंद्र या राज्य — की औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। श्रेणी-I में वे प्रतिष्ठान आते हैं जो न्यास का भूतलक्षी नियमन चाहते हैं और जिन्होंने छूट रहित प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है, या आगे के लिए उसी रूप में अनुपालन चुन रहे हैं। श्रेणी-II में वे हैं जो Code on Social Security, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान बने रहना चाहते हैं।
राहतें: न्यास की शुरुआत से तय कट-ऑफ तारीख तक भूतलक्षी नियमन; न्यूनतम कर्मचारी संख्या और न्यूनतम कोष के नियमों से छूट; 3 साल के पूर्व-अनुपालन की शर्त पूरी मानी जाएगी; बकाया, हर्जाने और ब्याज के लंबित निर्धारण वापस लेकर खत्म कर दिए जाएँगे, बशर्ते सदस्यों के खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान जमा हुआ हो। पहले के अंतिम आदेश शुरू से ही शून्य (void ab-initio) माने जाएँगे। नियोक्ता को केंद्र सरकार के नाम आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल से भेजना होगा, योजना का लाभ लेने की इच्छा rc.exemption@epfindia.gov.in पर भी भेजी जा सकती है, खातों की जाँच चार्टर्ड अकाउंटेंट से करानी होगी, और EPF अधिकारियों के निर्देश पर होने वाली विशेष या अनुपालन जाँच आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
EPFO की Amnesty Scheme, 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई थी और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक वैध है।
2. यह योजना केवल उन्हीं प्रतिष्ठानों के लिए है जिनके पास समुचित सरकार की जारी की हुई औपचारिक छूट अधिसूचना पहले से मौजूद है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1 सही है: Amnesty Scheme, 2026 को 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था और यह अधिसूचना की तारीख से छह (6) महीने तक वैध है।
कथन 2 गलत है: योजना ठीक इसके उलट प्रतिष्ठानों के लिए है। यह उन प्रतिष्ठानों पर लागू होती है जो Income Tax Act, 1961 से मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास तो चला रहे हैं, पर जिनके पास समुचित सरकार — केंद्र या राज्य — की औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। ऐसे प्रतिष्ठानों को EPF & MP Act, 1952 की धारा 17 और Code on Social Security, 2020 की धारा 143 के तहत भूतलक्षी प्रभाव से छूट का दर्जा तथा न्यास की मान्यता पाने का यह एक बार का रास्ता है।
इसलिए केवल कथन 1 सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
EPFO की Amnesty Scheme, 2026 क्या है?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन EPFO ने यह एक बार का मौका दिया है, ताकि Income Tax Act, 1961 से मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चला रहे प्रतिष्ठान अपनी स्थिति नियमित करा सकें। यह 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक खुली रहेगी।
इस योजना के लिए कौन से प्रतिष्ठान आवेदन कर सकते हैं?
वे प्रतिष्ठान जो Income Tax Act, 1961 से मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चला रहे हैं, लेकिन जिनके पास समुचित सरकार — यानी केंद्र सरकार या राज्य सरकार — की औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है।
श्रेणी-I और श्रेणी-II में क्या फर्क है?
श्रेणी-I में वे प्रतिष्ठान हैं जो न्यास का भूतलक्षी नियमन चाहते हैं और जिन्होंने छूट रहित प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है, या आगे के लिए उसी रूप में अनुपालन चुन रहे हैं। श्रेणी-II में वे हैं जो भूतलक्षी नियमन चाहते हुए भी Code on Social Security, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान बने रहना चाहते हैं।
योजना से क्या राहतें मिलेंगी?
न्यास की शुरुआत से तय कट-ऑफ तारीख तक छूट का दर्जा और न्यास की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से मिलेगी। न्यूनतम कर्मचारी संख्या और न्यूनतम कोष के नियम माफ होंगे तथा 3 साल के पूर्व-अनुपालन की शर्त पूरी मानी जाएगी। बकाया, हर्जाने और ब्याज के लंबित निर्धारण वापस लेकर खत्म कर दिए जाएँगे, बशर्ते सदस्यों के खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान जमा हुआ हो; पहले के अंतिम आदेश शुरू से ही शून्य माने जाएँगे।
योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ता को क्या करना होगा?
केंद्र सरकार के नाम औपचारिक आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल से भेजना होगा; योजना का लाभ लेने की इच्छा rc.exemption@epfindia.gov.in पर भी भेजी जा सकती है। खातों की जाँच चार्टर्ड अकाउंटेंट से करानी होगी और EPF अधिकारियों के निर्देश पर होने वाली विशेष या अनुपालन जाँच आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।