प्रकाशित: 12 जुलाई 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
EPFO ने औपचारिक छूट अधिसूचना के बिना चल रहे भविष्य निधि न्यासों के लिए Amnesty Scheme, 2026 अधिसूचित की
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने माफी योजना, 2026 शुरू की है। यह उन प्रतिष्ठानों को अपनी स्थिति नियमित कराने का एक बार का अवसर देती है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चलाते हैं, लेकिन जिनके पास औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। पीआईबी दिल्ली ने 12 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी दी। योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक खुली रहेगी। इसके विस्तृत उपबंध राजपत्र अधिसूचना GSR 525(E), दिनांक 29 जून 2026 से जारी कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के अनुलग्नक के भाग C में दिए गए हैं।
यह कदम वित्त अधिनियम, 2026 के बाद उठाया गया। इस अधिनियम ने मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों पर लागू आयकर ढाँचे को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 के वैधानिक और प्रशासनिक उपबंधों के अनुरूप किया। अब आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मान्यता केवल उन्हीं भविष्य निधियों को मिलेगी जिन्हें कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट मिली हो। ऐसे प्रतिष्ठानों को इसी अधिनियम की धारा 17 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के तहत भूतलक्षी प्रभाव से माफी दी जाएगी।
योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चलाते हैं, लेकिन जिनके पास समुचित सरकार, यानी केंद्र या राज्य सरकार, की औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। श्रेणी-I में वे प्रतिष्ठान आते हैं जो न्यास का भूतलक्षी नियमितीकरण चाहते हैं और जिन्होंने छूट रहित प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है या आगे उसी रूप में अनुपालन चुन रहे हैं। श्रेणी-II में वे प्रतिष्ठान आते हैं जो सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान बने रहना चाहते हैं।
राहतों में न्यास की शुरुआत से निर्धारित अंतिम तारीख तक भूतलक्षी नियमितीकरण, न्यूनतम कर्मचारी संख्या और न्यूनतम कोष के नियमों से छूट तथा 3 साल के पूर्व-अनुपालन की शर्त पूरी माने जाने का प्रावधान शामिल है। बकाया, हर्जाने और ब्याज के लंबित निर्धारण वापस लेकर खत्म कर दिए जाएँगे, बशर्ते सदस्यों के खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान जमा हुआ हो। पहले के अंतिम आदेश आरंभ से ही शून्य माने जाएँगे। नियोक्ताओं को केंद्र सरकार के नाम आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल से भेजना होगा। वे योजना का लाभ लेने की इच्छा की सूचना rc.exemption@epfindia.gov.in पर भी भेज सकते हैं। उन्हें खातों की जाँच चार्टर्ड अकाउंटेंट से करानी होगी और कर्मचारी भविष्य निधि अधिकारियों के निर्देश पर होने वाली विशेष या अनुपालन जाँच आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की माफी योजना, 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित की गई थी और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक वैध है।
2. यह योजना केवल उन प्रतिष्ठानों के लिए उपलब्ध है जिनके पास समुचित सरकार द्वारा जारी औपचारिक छूट अधिसूचना पहले से मौजूद है।
दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1 सही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की माफी योजना, 2026 को 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था और यह अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक वैध है।
कथन 2 गलत है। योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होती है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चला रहे हैं, लेकिन जिनके पास समुचित सरकार—केंद्र सरकार या राज्य सरकार—द्वारा जारी औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है। यह योजना ऐसे प्रतिष्ठानों को कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 17 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के तहत पूर्वव्यापी प्रभाव से छूट का दर्जा तथा न्यास की मान्यता प्राप्त करने का एक बार का अवसर देती है।
इसलिए केवल कथन 1 सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
EPFO की माफी योजना, 2026 क्या है?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन EPFO ने यह एक बार का अवसर दिया है, ताकि आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चलाने वाले, लेकिन औपचारिक छूट अधिसूचना से वंचित प्रतिष्ठान अपनी स्थिति नियमित करा सकें। यह योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक खुली रहेगी।
इस योजना के लिए कौन से प्रतिष्ठान आवेदन कर सकते हैं?
वे प्रतिष्ठान जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि न्यास चलाते हैं, लेकिन जिनके पास समुचित सरकार, यानी केंद्र या राज्य सरकार, की औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है।
श्रेणी-I और श्रेणी-II में क्या अंतर है?
श्रेणी-I में वे प्रतिष्ठान हैं जो न्यास का भूतलक्षी नियमितीकरण चाहते हैं और जिन्होंने छूट रहित प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है या आगे उसी रूप में अनुपालन चुन रहे हैं। श्रेणी-II में वे प्रतिष्ठान हैं जो भूतलक्षी नियमितीकरण चाहते हुए भी सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान बने रहना चाहते हैं।
योजना से क्या राहतें मिलेंगी?
न्यास की शुरुआत से निर्धारित अंतिम तारीख तक छूट का दर्जा और न्यास की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से मिलेगी। न्यूनतम कर्मचारी संख्या और न्यूनतम कोष के नियम माफ होंगे तथा 3 साल के पूर्व-अनुपालन की शर्त पूरी मानी जाएगी। बकाया, हर्जाने और ब्याज के लंबित निर्धारण वापस लेकर खत्म कर दिए जाएँगे, बशर्ते सदस्यों के खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान जमा हुआ हो। पहले के अंतिम आदेश आरंभ से ही शून्य माने जाएँगे।
योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ता को क्या करना होगा?
केंद्र सरकार के नाम औपचारिक आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल से भेजना होगा। योजना का लाभ लेने की इच्छा की सूचना rc.exemption@epfindia.gov.in पर भी भेजी जा सकती है। खातों की जाँच चार्टर्ड अकाउंटेंट से करानी होगी और कर्मचारी भविष्य निधि अधिकारियों के निर्देश पर होने वाली विशेष या अनुपालन जाँच आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।