ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया, जिसे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन बताया। अधिनियम के लागू होते ही पात्र ग्रामीण परिवारों को अब पूर्व के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा। यह कानून ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाते हुए टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, आजीविका संवर्धन तथा महिला सशक्तिकरण को नई गति देगा। अधिनियम के प्रभावी होने के साथ ही केंद्र सरकार ने सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों तथा अधिसूचित मजदूरी क्षेत्रों के लिए संशोधित मजदूरी दरें अधिसूचित कर दी हैं। अब किसी भी राज्य, केंद्रशासित प्रदेश अथवा अधिसूचित मजदूरी क्षेत्र में दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। राष्ट्रीय औसत अधिसूचित मजदूरी 298.8 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है, जो 10 प्रतिशत से अधिक की औसत वृद्धि है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। सुचारु क्रियान्वयन हेतु केंद्र ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि पहले ही आवंटित कर दी है। राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव (ओबुलावरिपल्ले मंडल) में होगा, जिसमें चौहान, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तथा उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण शामिल होंगे।