प्रकाशित: 23 नवंबर 2025CNNअंतरराष्ट्रीय
इथियोपिया का हायली गुब्बी ज्वालामुखी 12,000 वर्षों बाद फटा, भारतीय विमानन प्रभावित
इथियोपिया के अफार क्षेत्र में हायली गुब्बी ज्वालामुखी 24 नवंबर 2025 को कम से कम 12,000 वर्षों में पहली बार फटा। विस्फोट से राख के विशाल बादल कई महाद्वीपों तक फैल गए, जिससे भारत और UAE में विमानन सेवाएं बाधित हुईं। 500 मीटर ऊंचा यह ज्वालामुखी एर्टा एले श्रृंखला का सबसे दक्षिणी ज्वालामुखी है।
राख के बादल गुजरात तट पर पहुंचे, फिर दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के ऊपर मंडराए। एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय सेवाओं सहित 13 उड़ानें रद्द कीं। इंडिगो ने कन्नूर-अबू धाबी उड़ान अहमदाबाद की ओर मोड़ दी। टूलूज़ VAAC ने क्षेत्र के लिए एडवाइजरी जारी की।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 24 नवंबर 2025 को इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी विस्फोट एवं भारतीय विमानन पर सीमा पार प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
इथियोपिया का 500 मीटर हायली गुब्बी ज्वालामुखी, एर्टा एले शृंखला का दक्षिणतम, 24 नवंबर 2025 को कम से कम 12,000 वर्षों बाद पहली बार फटा। राख के बादल गुजरात एवं दिल्ली-एनसीआर तक पहुँचे; एयर इंडिया ने 13 उड़ानें रद्द कीं, इंडिगो ने कन्नूर-अबू धाबी सेवा का मार्ग बदला; तुलूज़ वीएएसी ने परामर्श जारी किए।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
हायली गुब्बी ज्वालामुखी से राख का गुबार कितनी ऊंचाई तक पहुंचा?
व्याख्या · सही उत्तर Aहायली गुब्बी ज्वालामुखी ने 45,000 फीट तक पहुंचने वाला राख का गुबार उत्पन्न किया जो लाल सागर से पश्चिमी भारत की ओर बहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हायली गुब्बी ज्वालामुखी कब और कहां फटा?
इथियोपिया के अफार क्षेत्र में हायली गुब्बी ज्वालामुखी 24 नवंबर 2025 को कम से कम 12,000 वर्षों में पहली बार फटा।
हायली गुब्बी ज्वालामुखी के बारे में भौतिक बनावट और क्षेत्रीय स्थिति से जुड़ी कौन-सी जानकारी दी गई?
500 मीटर का यह ज्वालामुखी एर्टा एले रेंज का सबसे दक्षिणी ज्वालामुखी है।
राख के बादलों ने भारतीय क्षेत्रों और विमानन को कैसे प्रभावित किया?
राख के बादल सोमवार देर रात गुजरात के तट पर पहुंचे, फिर दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश पर मंडराए। इन राख के बादलों से भारत और UAE में विमानन सेवाएं बाधित हुईं।
विस्फोट के बाद उड़ानों पर क्या असर पड़ा और कौन-सी एडवाइजरी जारी हुई?
एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय सेवाओं सहित 13 उड़ानें रद्द कीं, और इंडिगो ने अपनी कन्नूर-अबू धाबी उड़ान अहमदाबाद की ओर मोड़ दी। प्रभावित क्षेत्रों से गुजर चुके विमानों की जांच करनी पड़ी, और टूलूज़ VAAC (वॉल्कैनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर) ने क्षेत्र के लिए एडवाइजरी जारी की।