पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 6 मई 2026 को नई दिल्ली में पहले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट और लोगो जारी किए। पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि भारत 1-2 जून 2026 को नई दिल्ली में इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के प्रमुखों की भागीदारी अपेक्षित है। अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस भारत में मुख्यालय वाला अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसे सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों यानी सिंह, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जैगुआर और प्यूमा के संरक्षण के लिए बनाया गया है। शिखर सम्मेलन का विषय 'बड़ी बिल्लियां बचाएं, मानवता बचाएं, पारिस्थितिकी तंत्र बचाएं' है, और इसमें 400 से अधिक संरक्षणविदों, नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट नेताओं और समुदाय प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट टाइगर और सिंह, तेंदुआ, हिम तेंदुआ तथा चीता संरक्षण पहलों सहित बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में भारत का अनुभव दिखाता है कि संरक्षण और विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं तथा पारिस्थितिक तंत्र, आजीविका, लचीलापन और जलवायु प्रतिक्रिया मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में शुरू हुआ एलायंस उन देशों के बीच सहयोग, ज्ञान-साझाकरण और पारस्परिक समर्थन का प्लेटफ़ॉर्म है जहां ये सात बड़ी बिल्लियां पाई जाती हैं। शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख अपेक्षित परिणाम बड़ी बिल्लियों के संरक्षण पर पहली वैश्विक घोषणा, दिल्ली घोषणा, को अपनाना है, जो साझा प्राथमिकताएं बताएगी, सीमा-पार सहयोग मजबूत करेगी और बड़ी बिल्लियों तथा उनके आवासों के संरक्षण के लिए पूरे परिदृश्य को ध्यान में रखने वाले दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी। 1 और 2 जून को तकनीकी सत्रों में 95 बड़ी बिल्ली रेंज देशों के वरिष्ठ अधिकारी, कार्यकर्ता, विशेषज्ञ और साझेदार संगठन भाग लेंगे। एक विशेष प्रदर्शनी में जनजातीय कला, बड़ी बिल्लियों से जुड़ी सामग्री और भारत की संरक्षण प्रथाएं प्रदर्शित होंगी।