भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 मई 2026 को उत्तर, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्सों के लिए लू की चेतावनी 28 मई 2026 तक बढ़ा दी। इसमें 24-29 मई के दौरान पश्चिम राजस्थान के कुछ अलग-अलग स्थानों से लेकर कुछ हिस्सों तक गंभीर लू की संभावना और शेष उत्तर-पश्चिम, मध्य तथा पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में लू की स्थिति शामिल है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अकोला ने पहले 46.9 डिग्री सेल्सियस का राष्ट्रीय उच्चतम तापमान दर्ज किया था। तेज़ गर्मी में कूलिंग उपकरणों के अधिक उपयोग से माँग बढ़ी और भारत के बिजली उत्पादकों ने एक दिन में बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया; विद्युत मंत्रालय ने बताया कि चरम माँग पश्चिमी और उत्तरी ग्रिडों में पिछले रिकॉर्डों से ऊपर चली गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), IMD के साथ मिलकर, लू प्रबंधन के राष्ट्रीय ढाँचे के तहत तेईस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हीट एक्शन प्लान चला रहा है। राज्य-स्तरीय कदमों में स्कूलों के समय में बदलाव, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहरी श्रमिकों के लिए परामर्श, ORS वितरण, पानी की व्यवस्था और कूलिंग केंद्रों का विस्तार, हीट स्ट्रोक के लिए अस्पतालों की तैयारी तथा शीतली प्राणायाम जैसी आयुष मंत्रालय की अनुशंसाएँ शामिल हैं। IMD मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री तक पहुँचने पर, सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री विचलन के साथ, लू मानता है; 6.4 डिग्री से अधिक विचलन होने पर इसे गंभीर लू माना जाता है। लंबे समय तक पड़ रही गर्मी कृषि, पशुधन और बिजली ग्रिडों पर भी दबाव डाल रही है तथा केंद्र को जलवायु अनुकूलन वित्तपोषण में तेज़ी लाने के लिए प्रेरित कर रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 मई 2026 तक उत्तर, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में गंभीर लू की चेतावनी बढ़ाई; अकोला में 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ और एयर-कंडीशनिंग की माँग के कारण भारत ने एक दिन में बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और IMD ने लू प्रबंधन के राष्ट्रीय ढाँचे के तहत तेईस राज्यों के साथ हीट एक्शन प्लान सक्रिय किया
IMD ने 23 मई 2026 को उत्तर, मध्य तथा प्रायद्वीपीय भारत में लू की चेतावनी 28 मई 2026 तक बढ़ाई, जिसमें पश्चिम राजस्थान में गंभीर लू की संभावना है; अकोला में 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, भारत का बिजली उत्पादन एक दिन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा तथा NDMA-IMD राष्ट्रीय ढाँचे के अंतर्गत 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हीट एक्शन प्लान संचालित कर रहे हैं।
मुख्य तथ्य
- IMD ने 23 मई 2026 को उत्तर, मध्य तथा प्रायद्वीपीय भारत में लू की चेतावनी 28 मई 2026 तक बढ़ाई
- 24-29 मई 2026 के दौरान पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण लू की संभावना
- अप्रैल 2026 में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अकोला ने 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया, जो देश में सबसे अधिक था
- शीतलन की माँग बढ़ने पर भारत के बिजली उत्पादकों ने एक दिन में बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया
- NDMA तथा IMD लू प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय ढाँचे के अंतर्गत 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हीट एक्शन प्लान संचालित कर रहे हैं
- IMD लू तब घोषित करता है, जब मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचे और सामान्य से 4.5-6.4 डिग्री का विचलन हो; 6.4 डिग्री से अधिक विचलन पर गंभीर लू
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भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा लू घोषित करने के मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मैदानी क्षेत्रों में लू तब घोषित होती है, जब अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस का विचलन रहता है। 2. गंभीर लू तब घोषित होती है, जब अधिकतम तापमान का सामान्य से विचलन 6.4 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। 3. पहाड़ी क्षेत्रों में लू घोषित करने की अधिकतम तापमान सीमा 30 डिग्री सेल्सियस है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
तीनों कथन सही हैं। IMD मानदंडों के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में लू तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाए और सामान्य से विचलन 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस हो। गंभीर लू तब घोषित की जाती है जब सामान्य से विचलन 6.4 डिग्री से अधिक हो। पहाड़ी क्षेत्रों में लू घोषित करने के लिए अधिकतम तापमान की सीमा 30 डिग्री सेल्सियस है (और तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री)। IMD ने 23 मई 2026 को 28 मई 2026 तक लू की चेतावनी का विस्तार किया, जिसमें पश्चिम राजस्थान में गंभीर लू की संभावना है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IMD लू का वर्गीकरण कब करता है?
IMD तब लू घोषित करता है, जब अधिकतम तापमान मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री तक पहुँच जाए तथा सामान्य से 4.5-6.4 डिग्री सेल्सियस का विचलन हो। सामान्य से 6.4 डिग्री से अधिक विचलन होने पर गंभीर लू घोषित की जाती है।
भारत में हीट एक्शन प्लान का समन्वय कौन करता है?
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों तथा 23 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के साथ समन्वय करके लू प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय ढाँचे के अंतर्गत हीट एक्शन प्लान तैयार और संचालित करता है।
2026 की लू का बिजली ग्रिड पर क्या प्रभाव है?
बढ़ती एयर-कंडीशनिंग तथा शीतलन उपकरणों की माँग के कारण मई 2026 में भारत के बिजली उत्पादकों ने एक दिन में उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया; पश्चिमी तथा उत्तरी ग्रिड शिखर भार स्तर तक पहुँचे और विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय किए।
लू के दौरान प्रमुख राज्य-स्तरीय हस्तक्षेप क्या हैं?
राज्य-स्तरीय हस्तक्षेपों में स्कूल समय में बदलाव, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए परामर्श, ORS वितरण, अतिरिक्त पीने का पानी एवं कूलिंग केंद्र, हीट स्ट्रोक के लिए अस्पतालों की तैयारी तथा शीतली प्राणायाम जैसी आयुष पद्धतियाँ शामिल हैं।
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