नेपाल को पहली महिला प्रधानमंत्री: भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सुशीला कार्की ने शपथ ली
Aसीधा उत्तर
सुशीला कार्की भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद नेपाल की पहली महिला PM बनीं; मार्च 2026 तक चुनाव का संकल्प।
मुख्य तथ्य
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने 12 सितंबर 2025 को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
73 वर्षीय कार्की को प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के इस्तीफ़े के बाद जेन-जेड के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनकारी नेताओं ने Discord पर ऑनलाइन मतदान के ज़रिए नामित किया।
उन्होंने 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचा।
उन्होंने मार्च 2026 से शुरू होने वाली छह महीने की अवधि के भीतर शांति बहाल करने, भ्रष्टाचार समाप्त करने और निष्पक्ष आम चुनाव कराने का संकल्प लिया।
पूर्व प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर करने वाले प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की जान गई।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने 12 सितंबर 2025 को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनकी नियुक्ति जेन-जेड के नेतृत्व में हुए बड़े भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद हुई, जिनके कारण प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देना पड़ा। प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की जान गई। 73 वर्षीय कार्की को प्रदर्शनकारी नेताओं ने Discord पर ऑनलाइन मतदान के ज़रिए नामित किया।
कार्की ने 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचा था। उन्होंने 15 सितंबर को अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की और मार्च 2026 से शुरू होने वाली छह महीने की अवधि के भीतर शांति बहाल करने, भ्रष्टाचार समाप्त करने और निष्पक्ष आम चुनाव कराने का संकल्प लिया। कार्की की अंतरिम सरकार के दौर में भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत भारत-नेपाल संबंधों पर विशेष ध्यान रहेगा।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सुशीला कार्की के नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने के साथ हुए राजनीतिक परिवर्तन के भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति पर निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
जेन-जेड के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों ने के. पी. शर्मा ओली को अपदस्थ किया और पचास से अधिक जानें गईं। इसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश तिहत्तर वर्षीय सुशीला कार्की 12 सितंबर 2025 को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। मार्च 2026 तक चुनाव कराने का उनका संकल्प काठमांडू की अंतरिम सरकार के साथ भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत सहभागिता को दिशा देता है।
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सुशीला कार्की कौन हैं और वे नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री कैसे बनीं?
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने 12 सितंबर 2025 को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। जेन-जेड के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी नेताओं ने 73 वर्षीय कार्की को Discord पर ऑनलाइन मतदान के ज़रिए नामित किया।
नेपाल को पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने का क्या महत्व है?
दक्षिण एशिया की राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की दृष्टि से कार्की की नियुक्ति एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के इस्तीफ़े के बाद जेन-जेड के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनकारी नेताओं ने 73 वर्षीय पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की को Discord पर ऑनलाइन मतदान के ज़रिए नामित किया।
2025 में नेपाल के राजनीतिक परिवर्तन के पीछे कौन से भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शन थे?
जेन-जेड के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए, जिनके कारण प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देना पड़ा। प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की जान गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी नेताओं ने सुशीला कार्की को Discord पर ऑनलाइन मतदान के ज़रिए नामित किया।
सुशीला कार्की कौन हैं और नेपाल की प्रधानमंत्री बनने से पहले उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
सुशीला कार्की नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने काम के लिए जानी जाती हैं। वे 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं। उन्होंने मार्च 2026 से शुरू होने वाली छह महीने की अवधि के भीतर शांति बहाल करने, भ्रष्टाचार समाप्त करने और निष्पक्ष आम चुनाव कराने का संकल्प लिया।
नेपाल का राजनीतिक परिवर्तन भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंधों को कैसे प्रभावित करता है?
दोनों पड़ोसी देशों के बीच गहरे आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों के कारण भारत नेपाल के राजनीतिक बदलावों पर नज़र रखता है। इसलिए कार्की की अंतरिम सरकार भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत भारत-नेपाल संबंधों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
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