15 जुलाई 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में कोयला एक्सचेंजों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू किया। यह शुरुआत इंडियन माइनिंग वीक 2026 के पूर्वावलोकन कार्यक्रम में हुई। इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त भी मौजूद थे। पोर्टल के खुलने से कोयला एक्सचेंजों की व्यवस्था नीतिगत ढांचे से आगे बढ़कर कामकाजी तैयारी के चरण में पहुंची है। अब पात्र आवेदक नियामक की निगरानी में पंजीकरण के लिए औपचारिक आवेदन कर सकते हैं।
कोयला एक्सचेंज ऐसा ऑनलाइन बाजार है, जहां खरीदार और विक्रेता मंजूर नियमों के तहत कोयले तथा उससे बने उत्पादों का व्यापार और सुपुर्दगी पर आधारित अनुबंध कर सकते हैं। इस व्यवस्था में बाजार के आधार पर पारदर्शी कीमत तय करने, मंजूर कोयला नमूना एजेंसियों से गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बाजार पर निगरानी रखने, निपटान कोष के सहारे सुरक्षित भुगतान और निपटान करने तथा शिकायतें सुलझाने का प्रबंध है।
खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन कानून, 2025 ने खनिज एक्सचेंजों की अवधारणा को कानूनी मान्यता दी। इसके बाद अधिसूचित कोयला एक्सचेंज नियम, 2026 ने इन एक्सचेंजों की स्थापना और संचालन के लिए नियामकीय ढांचा तय किया। कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन को पंजीकरण, नियमन और निगरानी का प्राधिकरण बनाया गया है। पहले से पंजीकरण की मंजूरी मिलने पर पात्र संस्थाएं एक्सचेंज स्थापित और संचालित कर सकेंगी, बाजार संचालन के नियम बना सकेंगी और कोयला व्यापार को आसान बनाएंगी। पंजीकरण 25 वर्ष तक वैध रहेगा।
पोर्टल पर आवेदक पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, भारतकोष से तय शुल्क का ऑनलाइन भुगतान, आवेदन जमा करने और उसकी स्थिति तुरंत देखने का काम कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य कीमतों में पारदर्शिता, मजबूत आपूर्ति शृंखला, निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
