सेवा क्षेत्र एवं अवसंरचना: ऊर्जा, परिवहन, संचार
मुख्य तथ्य
- भारत का सेवा क्षेत्र GDP का ~54% (2024–25) योगदान देता है और लगभग 32% कार्यबल को रोजगार देता है।
- आठ प्रमुख अवसंरचना उद्योग (ICI): कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली
- भारत की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 950+ GW (अप्रैल 2025, सभी स्रोत); नवीकरणीय ऊर्जा 220 GW से अधिक; प्रति व्यक्ति बिजली खपत: 1,357 kWh (2023–24)।
- भारतमाला परियोजना चरण-1 (2017 स्वीकृत): आर्थिक गलियारों, अंतर-गलियारों, रिंग रोड, सीमा/तटीय सड़कों सहित 34,800 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करना।
- भारतीय रेलवे: विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क
मुख्य बिंदु
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भारत का सेवा क्षेत्र GDP का ~54% (2024–25) योगदान देता है और लगभग 32% कार्यबल को रोजगार देता है। IT/ITES, बैंकिंग, बीमा, व्यापार, परिवहन, संचार, रियल एस्टेट शामिल। भारत IT/ITES में विश्व का सबसे बड़ा सेवा निर्यातक — IT सेवा निर्यात: $227 अरब (2023–24)।
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आठ प्रमुख अवसंरचना उद्योग (ICI): कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली — IIP में संयुक्त 40.27% भार। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा मासिक निगरानी।
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भारत की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 950+ GW (अप्रैल 2025, सभी स्रोत); नवीकरणीय ऊर्जा 220 GW से अधिक; प्रति व्यक्ति बिजली खपत: 1,357 kWh (2023–24)। PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (2024): रूफटॉप सोलर से 1 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली।
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भारतमाला परियोजना चरण-1 (2017 स्वीकृत): आर्थिक गलियारों, अंतर-गलियारों, रिंग रोड, सीमा/तटीय सड़कों सहित 34,800 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करना। कुल परिव्यय: 5.35 लाख करोड़ रु.। मार्च 2024 तक ~17,000 किमी स्वीकृत; ~10,000 किमी निर्मित।
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भारतीय रेलवे: विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क — 68,702 किमी मार्ग (2024); प्रतिदिन 2.4 करोड़ यात्री। वंदे भारत एक्सप्रेस (2024 तक 40 ट्रेनसेट); समर्पित माल ढुलाई गलियारे (EDFC + WDFC: 3,005 किमी); 3 नए रेल गलियारे (2023–24 बजट)।
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राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP), 2022: भारत की लॉजिस्टिक्स लागत GDP के ~13% से 2030 तक 8% तक घटाना (वैश्विक औसत ~8%)। एकीकृत डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म; DPIIT नोडल मंत्रालय; विश्व बैंक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (भारत: 2023 में 38वाँ) में शीर्ष 25 का लक्ष्य।
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उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना, अक्टूबर 2016 में शुरू, क्षेत्रीय मार्गों पर सब्सिडी देकर आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा किफायती बनाना। 2024 तक UDAN के तहत 479 मार्ग संचालित; 89 हवाई अड्डे विकसित/संचालित। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाजार।
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डिजिटल कनेक्टिविटी: भारत में 1.18 अरब मोबाइल फोन ग्राहक (मार्च 2025) — चीन के बाद विश्व में दूसरा; 83.2 करोड़+ इंटरनेट उपयोगकर्ता; भारतनेट (चरण 2) 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का लक्ष्य। 5G अक्टूबर 2022 लॉन्च; 700+ जिलों में विस्तार (2024)।
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सागरमाला कार्यक्रम (2015): 12 प्रमुख बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, तटीय नौवहन विकास और बंदरगाह कनेक्टिविटी परियोजनाएँ — 5.48 लाख करोड़ रु. की 802 परियोजनाएँ। 2022–23 में 819 MT कार्गो प्रसंस्करण; 2025 तक 1,695 MT लक्ष्य।
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ऊर्जा सुरक्षा: भारत की प्राथमिक ऊर्जा खपत तेल-समतुल्य 102.5 करोड़ टन (2022–23) थी; चीन और अमेरिका के बाद भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। तेल आयात लगभग 232 अरब डॉलर (2022–23) रहा। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) का लक्ष्य 2030 तक प्रतिवर्ष 50 लाख मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन कर जीवाश्म ईंधन आयात निर्भरता घटाना है।
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PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (अक्टूबर 2021): समन्वित बुनियादी ढाँचे की योजना के लिए 16 केंद्रीय मंत्रालयों को एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है। परियोजना अनुमोदन समय कम, दोहराव समाप्त, लॉजिस्टिक्स लागत घटाना। सड़क, रेल, विमानन, बंदरगाह, जलमार्ग, पाइपलाइन, डिजिटल बुनियादी ढाँचा।
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दूरसंचार क्षेत्र: भारत का दूरसंचार बाजार ग्राहक संख्या में विश्व में दूसरा सबसे बड़ा। तीन प्रमुख निजी ऑपरेटर + BSNL (सार्वजनिक)। 2016 में Jio के प्रवेश ने बाजार बदला — डेटा कीमतें 95% गिरीं; दूरसंचार अधिनियम 2023 ने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 बदला।
सेवा क्षेत्र और अवसंरचना आरएएस परीक्षा में क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
सेवा क्षेत्र और अवसंरचना आरएएस परीक्षा में इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि ये आर्थिक वृद्धि, रोजगार, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करते हैं। केंद्रीय बजट २०२४-२५ पर वित्त मंत्रालय की पत्र सूचना कार्यालय विज्ञप्ति के अनुसार पूँजीगत व्यय के लिए ११,११,१११ करोड़ रुपये, यानी सकल घरेलू उत्पाद का ३.४ प्रतिशत, आवंटित किए गए।
भारत का सेवा क्षेत्र उसकी आर्थिक वृद्धि का इंजन है — फिर भी देश का भौतिक बुनियादी ढाँचा ऐतिहासिक रूप से प्रतिस्पर्धात्मकता में सबसे बड़ी बाधा रहा है। टॉपिक २५ परीक्षा में लगातार पूछा जाता है (सभी ५ वर्षों में, औसतन ५.२ अंक/वर्ष) क्योंकि बुनियादी ढाँचा हर आर्थिक बहस के केंद्र में है: लॉजिस्टिक्स लागत, विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता, ग्रामीण संपर्क, ऊर्जा पहुँच और डिजिटल अर्थव्यवस्था।
२०२३ की परीक्षा में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (५ अंक) और प्रधानमंत्री गति शक्ति के तीन रेलवे गलियारों (२ अंक) पर प्रश्न पूछे गए। २०२१ की परीक्षा में ८ प्रमुख अवसंरचना उद्योगों (२ अंक) पर प्रश्न आया। २०१८ की परीक्षा में बुनियादी ढाँचे पर १० अंक दिए गए। २०२६ के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति, नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य, उड़ान और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति पर प्रश्नों की अपेक्षा है।
भारत का बुनियादी ढाँचा व्यय तेजी से बढ़ा है — केंद्रीय बजट २०२४–२५ में पूँजी व्यय: ११.११ लाख करोड़ रुपये (सकल घरेलू उत्पाद का ३.४ प्रतिशत), जो २०१९–२० के ४.३९ लाख करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। यह निजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार उत्पन्न करने के लिए एक सुविचारित "पूंजीगत व्यय प्रोत्साहन" रणनीति को दर्शाता है।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान क्या है? इसके उद्देश्य बताइए।
आदर्श उत्तर
PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (अक्टूबर 2021 में शुरू) समन्वित बुनियादी ढाँचा योजना के लिए 16 केंद्रीय मंत्रालयों को एकीकृत करने वाला GIS आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उद्देश्य: मंत्रालयों के बीच परियोजना विलंब समाप्त करना, 2030 तक लॉजिस्टिक्स लागत GDP के 13% से 8% तक घटाना, परियोजना शुरुआत से ही मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और समग्र ग्रीनफील्ड योजना हेतु सभी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं (सड़क, रेलवे, बंदरगाह, पाइपलाइन, दूरसंचार) को मैप करना।
~50 शब्द • 5 अंक
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