बजट 2026-27 में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) प्रौद्योगिकियों के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क में लक्षित छूट दी गई: लिथियम-आयन सेल विनिर्माण उपकरणों पर शून्य शुल्क, सोलर-ग्लास के लिए सोडियम एंटीमोनेट पर छूट, महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण उपकरणों पर छूट और महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण की पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क छूट। RDSS के लिए 18,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें स्मार्ट मीटरिंग, AT&C हानि में कमी और DISCOM की वित्तीय स्थिरता सहित विद्युत क्षेत्र सुधार शामिल हैं। हरित ऊर्जा से जुड़े ये प्रयास भारत की COP प्रतिबद्धताओं और 2070 नेट-जीरो लक्ष्य के अनुरूप हैं।