Aspirant Academy

MCQ

गणित की प्रकृति एवं तार्किक चिंतन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए गणित की प्रकृति एवं तार्किक चिंतन के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कक्षा 3 में गणित की प्रकृति को तार्किक चिंतन के रूप में दिखाना है। इसके लिए निम्नलिखित शिक्षण-चरणों को उम्र के सबसे उपयुक्त क्रम में रखिए: 1. बच्चों से संख्याओं के तीन और जोड़ों पर इस नियम की जाँच करवाएँ। 2. रोज़मर्रा के समूहों में वस्तुओं के जोड़े दिखाएँ, जैसे चार जूते और दो चप्पलें। 3. कक्षा की सहायता से बच्चों के अपने शब्दों में नियम लिखवाएँ। 4. पूछें कि किस समूह में अधिक वस्तुएँ हैं और क्यों। निम्नलिखित में से सही क्रम कौन-सा है?

A 1, 2, 3, 4
B 4, 1, 2, 3
C 2, 4, 3, 1
D 3, 4, 2, 1
व्याख्या

कक्षा 3 में पढ़ाने का बेहतर तरीका ठोस वस्तुओं से शुरू करना है: दो वास्तविक समूह दिखाएँ (2)। फिर पूछें कि किसमें अधिक है और क्यों, ताकि बच्चे तुलना और तर्क करें (4)। फिर मिलकर नियम बच्चों के अपने शब्दों में लिखवाएँ (3)। अंत में तीन और संख्या-जोड़ों पर नियम की जाँच करें (1)। सही क्रम है 2, 4, 3, 1।

प्र.2निम्नलिखित अभिकथन (A) तथा कारण (R) पढ़िए: अभिकथन (A): गणित की प्रकृति को तथ्यों की सूची मानने की बजाय प्रतिरूपों और अमूर्तन की परस्पर जुड़ी व्यवस्था मानना अधिक सही है। कारण (R): जब बच्चा देखता है कि 1+3=4, 2+4=6 और 3+5=8 तो वह एक विशेष स्थिति से सामान्य कथन की ओर बढ़ रहा है, और यह अमूर्तन का कार्य है। सही विकल्प चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
B A और R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
C A सही है किन्तु R ग़लत है
D A ग़लत है किन्तु R सही है
व्याख्या

अभिकथन सही है: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 गणित को प्रतिरूपों और अमूर्तन का अध्ययन मानती है, तथ्यों का ढेर नहीं। कारण भी सही है और अभिकथन की व्याख्या करता है। जब प्राथमिक कक्षा का बच्चा देखता है कि दो विषम संख्याओं का योग हमेशा सम आता है, तो वह विशेष उदाहरण से सामान्य नियम की ओर बढ़ता है। यही अमूर्तन है।

प्र.3NCF 2005 की दृष्टि में प्राथमिक स्तर पर गणित की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नहीं है?

A संख्याओं, आकृतियों और रोज़मर्रा की स्थितियों में प्रतिरूप ढूँढ़ना
B उत्तर केवल बताने के बजाय उसके लिए कारण देना
C छोटे उदाहरणों से सामान्य कथन की ओर बढ़ना
D यह मानना कि हर प्रश्न का एक ही सही तरीक़ा होता है, जिसे शिक्षक को दिखाना पड़ता है
व्याख्या

प्रतिरूप खोजना, कारणों के साथ औचित्य बताना और छोटे उदाहरणों से सामान्य कथन तक पहुँचना, एनसीएफ 2005 में गणित सीखने के केंद्रीय अंग माने गए हैं। इसके विपरीत, यह मानना कि हर प्रश्न की केवल एक सही विधि है और शिक्षक को वही दिखानी चाहिए, बच्चों की अपनी रणनीतियों को रोकता है। इससे गणित की सामाजिक और खोजपरक प्रकृति भी कमजोर पड़ती है।

प्र.4NCF 2005 प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण के उच्चतर उद्देश्य की चर्चा करता है। निम्नलिखित में से इस उच्चतर उद्देश्य का सबसे सही कथन कौन-सा है?

A बच्चों को प्रतिष्ठित मध्य विद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराना।
B हर बच्चे को प्रतियोगिता स्तर के मानसिक अंकगणित में माहिर बनाना
C पाठ्यपुस्तक को समय पर पूरा करना ताकि पाठ्यक्रम पूरा हो जाए
D बच्चे के चिंतन का गणितीकरण करना, अर्थात् तर्क, अमूर्तन और प्रतिरूप-बोध की आन्तरिक शक्ति विकसित करना
व्याख्या

NCF 2005 के अनुसार गणित शिक्षा का उच्चतर उद्देश्य बच्चे के विचारों का गणितीकरण करना है: यानी तर्क, अमूर्तन, तार्किक सोच और पैटर्न-बोध की आंतरिक क्षमता विकसित करना। प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी, तेज मानसिक गणना का प्रदर्शन या केवल पाठ्यपुस्तक समाप्त करना संकरे लक्ष्य हैं; वे इस उच्चतर उद्देश्य को नहीं पकड़ते।

प्र.5NCF 2005 के गणित शिक्षण संबंधी स्थिति-पत्र में गणित की प्रकृति का सबसे सही वर्णन निम्नलिखित में से कौन-सा है?

A गणित मुख्य रूप से सूत्रों और संख्याओं से जुड़े तथ्यों को रटना है, जो दुकानदारी के काम में उपयोगी होते हैं
B गणित निश्चित सत्यों का एक बंद ढाँचा है जिसे बच्चों को बिना प्रश्न पूछे ग्रहण करना है
C गणित संख्याओं के सवाल जल्दी हल करने और सजावटी ज्यामितीय चित्र बनाने की कला है
D गणित प्रतिरूपों, अमूर्तन, सामान्यीकरण और तार्किक सम्बन्धों का अध्ययन है जो बच्चे की सोच का विकास करता है
व्याख्या

NCF 2005 गणित को प्रतिरूपों, अमूर्तन, सामान्यीकरण और तार्किक चिंतन का विषय मानता है। प्राथमिक स्तर पर इसका बड़ा उद्देश्य बच्चे की सोच का गणितीकरण करना है, न कि बच्चे पर रटने का बोझ डालना। बच्चे प्रतिरूप देखकर, उसे संकेतों में व्यक्त करके और कारण देकर गणितीय अर्थ बनाते हैं।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

गणित की प्रकृति एवं तार्किक चिंतन पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6प्राथमिक गणित में तार्किक चिंतन से जुड़े दो कथन पढ़िए: कथन 1: बच्चा कहता है, "इस समूह में अधिक हैं, क्योंकि पाँच लाल बिंदु और तीन नीले बिंदु हैं।" यह सरल तार्किक चिंतन का उदाहरण है। कथन 2: गणित में तार्किक चिंतन केवल उच्च प्राथमिक कक्षाओं से जुड़ा है, कक्षा 1 और 2 से नहीं। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Aदोनों कथन सही हैं
Bकेवल कथन 1 सही है
Cकेवल कथन 2 सही है
Dकोई भी कथन सही नहीं है

7निम्न विशेषताओं की सूची देखिए। इनमें से कितनी विशेषताएँ NCF 2005 में प्राथमिक स्तर पर गणित की प्रकृति की केंद्रीय विशेषताएँ बताई गई हैं? - प्रतिरूप - अमूर्तन - सामान्यीकरण - तार्किक चिंतन - सन्दर्भ के बिना पहाड़े रटना

Aदो
Bतीन
Cपाँचों
Dचार

8सूची 1 की गतिविधि का सूची 2 में दी गई गणित की प्रकृति की उस विशेषता से मिलान कीजिए, जिसे वह सबसे स्पष्ट रूप से दिखाती है। सूची 1 (कक्षा-गतिविधि) (P) एक बच्चा देखता है कि शून्य किसी भी संख्या में जोड़ने पर वह संख्या वही रहती है और कक्षा को बताता है। (Q) एक बच्चा बारह मिठाइयाँ चार दोस्तों में बाँटने का शाब्दिक प्रश्न छोटे पत्थरों से हल करता है। (R) एक बच्चा देखता है कि दरवाज़े का कोना, किताब का कोना और स्लेट का कोना — तीनों एक-सी आकृति लगते हैं। (S) एक बच्ची बताती है कि उसने काग़ज़ को दो बार क्यों मोड़ा ताकि चार बराबर भाग बनें। सूची 2 (गणित की प्रकृति की विशेषता) (1) वास्तविक स्थिति का प्रतिरूपण (2) तार्किक तर्क और औचित्य (3) किसी गुण का सामान्यीकरण (4) सामान्य विचार का अमूर्तन

AP-1, Q-3, R-4, S-2
BP-3, Q-1, R-4, S-2
CP-4, Q-1, R-3, S-2
DP-3, Q-2, R-1, S-4

9एक प्राथमिक शिक्षक श्यामपट पर लिखती हैं: "3 + 5 = 8, 7 + 1 = 8, 5 + 5 = 10, 9 + 1 = 10, 11 + 3 = 14"। फिर वे बच्चों से पूछती हैं, "हर उदाहरण में दो विषम संख्याओं के योग के बारे में क्या सत्य है?" यह कार्य गणित की प्रकृति की किस विशेषता को सबसे सीधे दिखाता है?

Aअंकगणितीय तथ्यों का अभ्यास
Bविशेष स्थितियों से सामान्यीकरण
Cसंख्याओं को एक पंक्ति में व्यवस्थित करना
Dगुणन-तालिकाओं का यांत्रिक स्मरण

10प्राथमिक स्तर पर गणित की प्रकृति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गणित बच्चे के समूह बनाने, तुलना करने और क्रम में रखने के अनुभव से शुरू होता है। 2. तार्किक चिंतन तभी विकसित होता है जब बच्चा अंकगणित की सभी विधियाँ सीख चुका हो। 3. सामान्यीकरण प्राथमिक स्तर पर भी गणितीय गतिविधि का अंग है। इनमें से कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 2 और 3
Dकेवल 1 और 3

गणित (प्राथमिक) में और विषय

अन्य विषय देखें