MCQ
गणित में मूल्यांकन एवं उपचारात्मक शिक्षण MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए गणित में मूल्यांकन एवं उपचारात्मक शिक्षण के 10 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कक्षा 4 का बच्चा घटाव में बार-बार उधार लेने की गलती करता है। उपचारात्मक शिक्षण-चक्र के निम्न चरणों को सही क्रम में रखिए: (1) स्थान-मान ब्लॉक और बँधी हुई तीलियों के आधार पर नई युक्ति बनाना। (2) छोटे समूह में उसी नई युक्ति से पुनः शिक्षण कराना। (3) नियमित कार्यपत्रक में बच्चे की त्रुटियों का अवलोकन और विश्लेषण करना। (4) छोटे मौखिक और लिखित कार्य से पुनः आकलन कर परिवर्तन दर्ज करना।
उपचारात्मक चक्र की शुरुआत बच्चे की त्रुटियों के अवलोकन तथा विश्लेषण से होती है (३)। फिर शिक्षिका ठोस सामग्री से नई युक्ति की योजना बनाती है (१), लघु-समूह सत्र में पुन: शिक्षण कराती है (२) और अंत में पुन: आकलन करके परिवर्तन दर्ज करती है (४)। क्रम (३)-(१)-(२)-(४) उस निदान-योजना-शिक्षण-पुन: आकलन चक्र से मेल खाता है, जिसकी NCF 2005 तथा CCE अपेक्षा करते हैं।
प्र.2कक्षा 1 से 5 के प्राथमिक गणित में निम्न में से कौन-सा रचनात्मक आकलन का उपयुक्त उपकरण नहीं है?
लंबी समयबद्ध परीक्षा, जो बच्चों को आपस में क्रम देती है, ऊँचे दबाव वाली और योगात्मक होती है। यह प्राथमिक CCE से मेल नहीं खाती, जो सतत, कम दबाव वाली और बच्चों के अनुकूल तरीकों पर आधारित है। अवलोकन, 'करके दिखाओ' जैसे कार्य और गणित-डायरी शिक्षिका को तुरंत यह जानकारी देते हैं कि सीखने में किस बच्चे को कहाँ सहारा देना है।
प्र.3RTE अधिनियम 2009 के अंतर्गत किस आयु-वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क तथा अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित की गई है, जिसमें कक्षा 1 से 5 का प्राथमिक गणित शामिल है?
RTE अधिनियम 2009, 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क तथा अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा की गारंटी देता है। इस स्तर में प्राथमिक कक्षा 1 से 5 शामिल है, जो REET स्तर 1 गणित मूल्यांकन तथा उपचारात्मक शिक्षण की पाठ्यक्रम सीमा है।
प्र.4कक्षा 3 की शिक्षिका एक बच्चे को कार्यपत्रक पर जोड़-घटाव हल करते देखती है, उसे चरण समझाने को कहती है और प्रयोग की गई युक्ति लिख लेती है। इस आकलन की सही प्रकृति पहचानिए।
बच्चे को हल करते देखना, चरण पूछना और युक्ति लिखना रचनात्मक आकलन का स्पष्ट उदाहरण है। यह अधिगम के दौरान होता है, शिक्षिका को अगला कदम तय करने में मदद करता है और बच्चे को सहारा देता है, क्रमबद्धता नहीं।
प्र.5प्राथमिक गणित के संदर्भ में, सतत व्यापक मूल्यांकन (CCE) को निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे सही ढंग से परिभाषित करता है?
प्राथमिक गणित में CCE सतत और व्यापक है तथा अनेक उपकरण — अवलोकन, मौखिक कार्य, कार्यपत्रक एवं परियोजना — का उपयोग करता है। यह पूरे वर्ष शैक्षिक अधिगम तथा सह-शैक्षिक विकास दोनों देखता है, केवल एक परीक्षा या तुलना नहीं।
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और प्रश्न
6सूची-1 में दिए गए आकलन उपकरण का सूची-2 में दिए गए प्राथमिक गणित में उसके मुख्य कार्य से मिलान कीजिए। सूची-1 (उपकरण): (1) उपाख्यानात्मक अभिलेख (2) कौशल जाँच-सूची (3) मौखिक 'बताओ कैसे हल किया' (4) परियोजना की मूल्यांकन-कुंजी सूची-2 (कार्य): (प) समस्या के बारे में बच्चे के तर्क तथा भाषा को सामने लाता है। (फ) किसी विशिष्ट बच्चे या क्षण के बारे में शिक्षिका का अवलोकन दर्ज करता है। (ब) प्रत्येक बच्चे के स्थान-मान या समूहन के साथ जोड़ जैसे सूचीबद्ध कौशलों में बच्चे की पकड़ पर नज़र रखता है। (भ) मुक्त-छोर कार्य के विभिन्न स्तरों पर निर्णय देने के लिए स्पष्ट मानदंड देता है।
7प्राथमिक गणित में त्रुटि-विश्लेषण के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: (1) बच्चों की अधिकांश अंकगणितीय त्रुटियाँ बिना किसी क्रम के होती हैं और उनसे कोई उपयोगी जानकारी नहीं मिलती। (2) बार-बार होने वाली त्रुटियाँ प्राय: एक प्रतिमान पर चलती हैं, जो किसी अवधारणा या नियम की कमी की ओर संकेत करता है। (3) त्रुटि-विश्लेषण शिक्षिका को लक्षित उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाने में सहायता करता है। (4) त्रुटियों के लिए दंड दिया जाना चाहिए ताकि बच्चा अगली बार अधिक सावधान हो। निम्न में से सही संयोजन कौन-सा है?
8प्राथमिक गणित में निदानात्मक परीक्षण तथा उपचारात्मक शिक्षण से संबंधित निम्न दो कथनों पर विचार कीजिए: कथन (1): निदानात्मक परीक्षण का उद्देश्य केवल बच्चे को सत्र का अंतिम अंक देना है। कथन (2): निदानात्मक परीक्षण का उद्देश्य सीखने की विशिष्ट कमियों की पहचान करना है, ताकि नई युक्तियों तथा सामग्री के साथ उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाई जा सके। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
9अभिकथन और कारण पढ़कर सही विकल्प चुनिए। अभिकथन: आरटीई अधिनियम 2009 के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में फेल न करने की नीति का अर्थ है कि शिक्षिका को कक्षा 5 तक किसी बच्चे का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। कारण: सतत और व्यापक मूल्यांकन में शिक्षिका से अपेक्षा की जाती है कि वह विविध रचनात्मक साधनों से प्रत्येक बच्चे के अधिगम पर लगातार नज़र रखे और आवश्यकता होने पर उपचारात्मक शिक्षण की योजना बनाए।
10कक्षा 2 की शिक्षिका बच्चों की कॉपियाँ जाँचते समय निम्न चार अवलोकन करती है। इनमें से कितने उदाहरण व्यवस्थित अंकगणितीय त्रुटि के हैं, जिन पर उपचारात्मक उपाय आवश्यक है? (१) एक बच्चा 23 + 19 = 32 लिखता है, हासिल छोड़ देता है। (२) एक बच्चा अंक '५' को दर्पण-छवि की भाँति लिखता है क्योंकि वह छह वर्ष का है और लिखावट अभी सध रही है। (३) एक बच्चा 30 - 17 हल करते हुए गलत उधार लेकर 23 लिखता है। (४) एक बच्चा '40' को 'चालीस' की जगह 'चार-शून्य' पढ़ता है।
