MCQ
संस्कृत शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, कक्षा-अभ्यास MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, कक्षा-अभ्यास के 9 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1कक्षा 4 की एक शिक्षिका लघु श्लोक 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः' पढ़ाने के लिए समन्वित उपागम अपनाती है। नीचे दिए चरणों में से उन चरणों का सही संयोजन चुनिए जो प्राथमिक-स्तर की समन्वित योजना के अनुकूल हैं— 1. श्लोक को लय के साथ बोलकर पढ़ना और विद्यार्थियों से शिक्षक के बाद दोहराव कराना। 2. शब्दार्थ स्पष्ट करने के लिए शिक्षक और बालक का सरल चित्र-पत्रक दिखाना। 3. बच्चों को दोहराव से पहले प्रत्येक शब्द का लिखित व्याकरण-विश्लेषण माँगना। 4. वाचन के साथ संक्षिप्त क्रिया-गीत जोड़ना जिससे विद्यार्थी स्वर एवं हाव-भाव दोनों का प्रयोग करें।
समन्वित प्राथमिक-स्तर योजना में लयबद्ध वाचन (चरण 1), अर्थ स्पष्ट करने वाला चित्र-पत्रक (चरण 2) और स्वर तथा हाव-भाव जोड़ने वाला छोटा क्रिया-गीत (चरण 4) साथ-साथ चलते हैं। चरण 3 — दोहराव से पहले प्रत्येक शब्द का लिखित व्याकरण-विश्लेषण माँगना — उच्च-प्राथमिक या माध्यमिक व्याकरण-अभ्यास के अनुकूल है और REET स्तर 1 की आयु-संगत संस्कृत शिक्षाशास्त्रीय दृष्टि के विरुद्ध जाता है।
प्र.2प्राथमिक स्तर की 35-मिनट की संस्कृत कक्षा के लिए निम्नलिखित गतिविधियों को उम्र के अनुरूप क्रम में रखिए— P. पिछले दिन के शब्दचित्र पत्रकों की संक्षिप्त पुनरावृत्ति। Q. दो सरल संस्कृत अभिवादन-वाक्यों का पूरी कक्षा द्वारा सामूहिक वाचन। R. उन्हीं अभिवादनों पर जोड़ी-संवाद अभ्यास। S. कक्षा से निकलते समय शिक्षक-अवलोकन द्वारा संक्षिप्त मौखिक आकलन। सही क्रम कौन-सा है?
उत्तम प्राथमिक-स्तर कक्षा संक्षिप्त पुनरावृत्ति से शुरू होती है, जिससे पहले सीखे हुए कार्ड फिर से याद आ जाते हैं (पी)। फिर सामूहिक वाचन में नई सामग्री कम दबाव वाले समूह रूप में प्रस्तुत की जाती है (क्यू)। इसके बाद विद्यार्थी जोड़ी-संवाद में स्वयं अभ्यास करते हैं (आर)। अंत में, बाहर जाते समय शिक्षक अवलोकन के आधार पर छोटी मौखिक जाँच करते हैं (एस)। यह आरंभिक तैयारी, प्रस्तुति, अभ्यास और आकलन का क्रम एनसीईआरटी रुचिरा तथा आरबीएसई REET स्तर 1 की अपेक्षाओं से मेल खाता है।
प्र.3REET स्तर 1 प्राथमिक स्तर पर संस्कृत के कक्षा-अभ्यास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. कण्ठस्थीकरण एक मान्य मौखिक अभ्यास है, जब पंक्तियाँ छोटी और उम्र के अनुरूप हों। 2. सरल अभिवादन और प्रश्नों के साथ जोड़ी-संवाद अभ्यास को प्रोत्साहित किया जाता है। 3. चित्रों के आधार पर शब्द-पहचान को अस्वीकार कर दिया जाता है, क्योंकि यह संस्कृत के शास्त्रीय स्वरूप को कम कर देती है। 4. मौखिक प्रवाह की जाँच केवल लंबी लिखित परीक्षाओं से नहीं, बल्कि शिक्षक के अवलोकन से भी की जाती है। इनमें से कितने कथन सही हैं?
कथन 1, 2 और 4 सत्य हैं — संक्षिप्त कण्ठस्थीकरण, सरल जोड़ी-संवाद और अवलोकन-आधारित मौखिक प्रवाह-जाँच सभी RBSE REET स्तर 1 एवं NCERT रुचिरा के प्राथमिक संस्कृत-शिक्षण की स्पष्ट पहचान हैं। कथन 3 असत्य है, क्योंकि चित्र-आधारित पहचान (शब्दचित्र पत्रक) प्राथमिक स्तर पर सुझाया गया उपकरण है, अस्वीकृत नहीं। अतः तीन कथन सत्य।
प्र.4सूची 1 की प्राथमिक-स्तर संस्कृत-शिक्षण सामग्री को सूची 2 के सबसे उपयुक्त कक्षा-प्रयोग से मिलाइए— सूची 1 (सामग्री) (पी) शब्दचित्र पत्रक (क्यू) सरल कथा (आर) लघु श्लोक (एस) संस्कृत-गीत सूची 2 (प्रयोग) (1) लयबद्ध स्मृति बनाने वाला सामूहिक वाचन (2) औपचारिक व्याकरण से पहले शब्द-वस्तु संबंध (3) उच्चारण में सहायक धुन-आधारित मौखिक अभ्यास (4) संदर्भ में श्रवण-अवबोध और शब्द-भंडार
शब्दचित्र पत्रक संस्कृत शब्द को दृश्य वस्तु से जोड़ते हैं, अतः (2) शब्द-वस्तु संबंध। सरल कथा शब्द-भण्डार को सन्दर्भ में रखती है, अतः (4) श्रवण-अवबोध एवं शब्द-भण्डार। लघु श्लोक लयबद्ध स्मृति-निर्माण के लिए सामूहिक वाचन के अनुकूल है, अतः (1)। संस्कृत-गीत स्पष्ट उच्चारण में सहायक धुन-आधारित मौखिक अभ्यास देता है, अतः (3)। अतः सही मेल है P-2, Q-4, R-1, S-3।
प्र.5एक प्राथमिक शिक्षिका बालकः, फलम् और पुस्तकम् लिखे छोटे चित्र-पत्रक दिखाती है। वह कक्षा 3 के विद्यार्थियों से पहले कमरे में मिलती-जुलती वस्तु की ओर संकेत करवाती है, फिर शब्द ऊँचे स्वर में पढ़वाती है। यह गतिविधि मुख्य रूप से संस्कृत शिक्षण की किस विधि को दर्शाती है?
संस्कृत शब्द को बिना हिंदी या अंग्रेज़ी अनुवाद किए चित्र-पत्रक और विद्यार्थी के संकेत द्वारा प्रत्यक्ष वस्तु से जोड़ना — यही प्रत्यक्ष विधि की पहचान है। प्राथमिक स्तर पर NCERT रुचिरा एवं RBSE स्तर 1 भाषा-I पाठ्यक्रम इस उपागम को केन्द्र में रखते हैं, क्योंकि यह औपचारिक व्याकरण से पहले शब्द-वस्तु संबंध स्थापित करती है।
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और प्रश्न
6नीचे दिए गए अभिकथन और कारण को पढ़कर सही विकल्प चुनिए— अभिकथन: REET स्तर 1 के प्राथमिक चरण में संस्कृत के मौखिक प्रवाह का आकलन लम्बी लिखित परीक्षा की तुलना में शिक्षक के नियोजित अवलोकन पर अधिक निर्भर करता है। कारण: कक्षा 1-5 में शब्द-रूप तालिकाओं की लम्बी लिखित परीक्षा मौखिक वाचन और छोटे संवादों की जाँच से अधिक उपयुक्त होती है।
7NCERT की रुचिरा प्रथमो भागः, रुचिरा संस्कृत पाठ्यपुस्तक-शृंखला का पहला विद्यार्थी-भाग, किस कक्षा के लिए है?
8प्राथमिक स्तर पर संभाषण उपागम के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
9कक्षा 5 का एक विद्यार्थी पुस्तकम्, बालकः एवं फलम् शब्दों को फ़्लैशकार्ड पर पहचान लेता है, परन्तु अभी प्रत्येक शब्द को याद करके अपने-आप नहीं लिख पाता। प्राथमिक स्तर पर शिक्षक का उम्र के अनुरूप सबसे उपयुक्त कार्य कौन-सा है?
