MCQ
धातु रूप — काल एवं पुरुष (संस्कृत) MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए धातु रूप — काल एवं पुरुष (संस्कृत) के 7 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1संस्कृत धातु रूप के बारे में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: मध्यम पुरुष का प्रयोग तब होता है, जब वक्ता श्रोता को सीधे संबोधित करता है। कथन 2: उत्तम पुरुष का प्रयोग तब होता है, जब वक्ता अपने लिए 'मैं' या 'हम' जैसे शब्दों का प्रयोग करता है। कौन-सा या कौन-से कथन सत्य हैं?
मध्यम पुरुष द्वितीय पुरुष है और इसका प्रयोग तब होता है, जब वक्ता श्रोता को सीधे संबोधित करता है। एक श्रोता के लिए 'त्वम्', दो के लिए 'युवाम्' और अनेक के लिए 'यूयम्' रूप प्रयुक्त होते हैं। इसलिए कथन 1 सत्य है। उत्तम पुरुष प्रथम पुरुष है और इसका प्रयोग वक्ता अपने लिए करता है। इसके रूप 'अहम्', 'आवाम्' और 'वयम्' हैं। इसलिए कथन 2 भी सत्य है। दोनों कथन वक्ता और श्रोता के उस मानक संबंध को सही ढंग से बताते हैं, जो प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है।
प्र.2किसी एक परस्मैपद धातु के एक लकार की धातु-रूप तालिका में मानक 3 पुरुष × 3 वचन ग्रिड में कुल कितने खाने होते हैं?
तीन पुरुष—प्रथम, मध्यम और उत्तम—तीन वचनों—एकवचन, द्विवचन और बहुवचन—से मिलते हैं। इस प्रकार एक धातु के एक लकार की तालिका में 9 खाने बनते हैं। प्राथमिक विद्यार्थी सामान्यतः प्रथम पुरुष की पंक्ति और मध्यम पुरुष के कुछ रूप ही पढ़ते हैं। पूरा 9-खाना ग्रिड इसलिए दिया जाता है कि वे किसी भी रूप को पंक्ति और स्तम्भ से पहचान सकें।
प्र.3अभिकथन (A): अपठत् रूप पठ् धातु का लङ् लकार प्रथम पुरुष एकवचन रूप है। कारण (R): लङ् लकार के प्रत्यय वही हैं जो लट् लकार में हैं, शब्द में और कोई परिवर्तन नहीं होता। सही विकल्प चुनिए:
अपठत् वास्तव में पठ् धातु का लङ् लकार, प्रथम पुरुष एकवचन रूप है। यह आगे लगने वाले अ-अगम और भूतकालीन -त् अंत से बनता है, इसलिए अभिकथन सत्य है। कारण सही नहीं है, क्योंकि लङ् लकार में भूतकाल के अपने प्रत्यय लगते हैं और धातु से पहले अ-अगम भी आता है। यह लट् लकार के अंतों की सीधी प्रतिलिपि नहीं है, इसलिए कारण को सत्य नहीं माना जाएगा।
प्र.4प्राथमिक स्तर पर पढ़ाए जाने वाले धातु-रूपों में कितने वचन माने जाते हैं?
संस्कृत में वचन की 3 श्रेणियाँ मानी जाती हैं: एक के लिए एकवचन, दो के लिए द्विवचन और अनेक के लिए बहुवचन। प्राथमिक विद्यार्थी आरंभ में ही देखते हैं कि यह 3-भागी व्यवस्था संस्कृत धातु-रूपों को हिंदी या अंग्रेज़ी की 2-भागी वचन व्यवस्था से अलग करती है।
प्र.5सूची I की धातु को सूची II के अर्थ से सुमेलित कीजिए। सूची I — धातु: 1) पठ् 2) गम् 3) कृ 4) दा सूची II — अर्थ: (क) करना (ख) देना (ग) पढ़ना (घ) जाना सही सुमेल चुनिए:
पठ् का अर्थ है पढ़ना (ग), गम् का अर्थ है जाना (घ), कृ का अर्थ है करना (क) और दा का अर्थ है देना (ख)। ये चार धातु प्राथमिक स्तर की मूल परस्मैपद धातुएँ हैं, जिन्हें विद्यार्थी सबसे पहले याद करते हैं क्योंकि इनके अर्थ कक्षा में रोज़ होने वाली क्रियाओं से जुड़े होते हैं।
आपने 7 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
धातु रूप — काल एवं पुरुष (संस्कृत) पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।
और प्रश्न
6गच्छति क्रिया रूप गम् धातु के परस्मैपद रूप में किस लकार का है?
7लट् लकार में पठ् धातु का प्रथम पुरुष एकवचन का सही रूप कौन-सा है?
